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नवरत्नगढ़ किले का इतिहास जानने को शुरू हुई खुदाई, खुलेंगे नागवंशी राजाओं के राज

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द फॉलोअप डेस्क, गुमला 
नवरत्नगढ़ किले की खुदाई शुरू कर दी गई है। दरअसल, गुमला में नवरत्नगढ़ के नागवंशी राजाओं के रहस्मई इतिहास को जानने के लिए किले की खुदाई की जा रही है। इसे लेकर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण रांची मंडल के अंतर्गत राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक महल एवं मंदिर परिसर नवरत्नगढ में खुदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं गुमला के वर्तमान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि नवरत्नगढ़ किले की खुदाई के बाद गुमला सहित झारखंड देश भर में प्रचलित होगा। उन्होंने कहा कि अगर खुदाई में नागवंशी राजाओं के इतिहास से संबंधित कोई जानकरी मिली तो इससे वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल होने की संभावनाएं बढ़ जाएगी और इसके अलावा गुमला में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


नागवंशी राजाओं के इतिहास से झारखंड देश भर में होगा प्रचलित 

नवरत्नगढ़ किले की खुदाई के दौरान रांची मंडल के सहायक पुरातत्विद (assistant archaeologist) डॉ. मोहम्मद अजहर साबिर ने बताया कि नागवंशी राजाओं के इतिहास को देश और दुनिया बीच लाने का यह महत्वपूर्ण प्रयास है। कहा कि नवरत्नगढ़ स्मारक अपनी कोख में कई रहस्मई इतिहास को समेटे हुए है। ऐसे कई राष्ट्रीय स्मारक हैं, जिसके इतिहास को बाहर लाने के लिए पुरातात्विक खुदाई और संरक्षण का काम गंभीरता से करने की जरूरत है। उन्होंने नवरत्नगढ़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किये जा रहे कार्यों के से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इस दौरान मौके पर माले विधायक विनोद सिंह, उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, उप विकास आयुक्त हेमंत सती जैसे कई विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।