धनबाद
धनबाद पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके पास से 17 लाख 34 हजार 900 रुपये नकद, एक पिस्टल, 47 जिंदा कारतूस, 70 से अधिक जमीनों की डीड, 18 एटीएम कार्ड और 8 मोबाइल जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर फहीम खान का चचेरा भाई भी शामिल है।
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इन अपराधियों के तार टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। गिरोह के सदस्य यूएसडीटी चैनल के माध्यम से अवैध पैसों का ट्रांसफर करते थे। इस दिशा में पुलिस की जांच जारी है।
एसएसपी ने बताया कि इससे पहले भी प्रिंस खान गिरोह के आठ अपराधियों को पकड़ा गया था। उन्हीं से मिली जानकारी के आधार पर 12 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद चार के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के आर्थिक नेटवर्क की जांच की जा रही है। पिछले दिनों रांची और बोकारो में भी कुछ गिरफ्तारियां हुई थीं, जिनसे पाकिस्तान से हथियार खरीदे जाने की बात सामने आई थी। इसी कड़ी में धनबाद पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या प्रिंस खान गैंग के पैसे का इस्तेमाल भी ऐसी गतिविधियों में हो रहा था।
गिरफ्तार अपराधियों में परवेज खान (55 वर्ष), सैफ आलम उर्फ राशिद (31 वर्ष), तौसीफ आलम उर्फ मुन्ना (33 वर्ष) और इम्तियाज अली उर्फ लाडले (46 वर्ष) शामिल हैं।
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एसएसपी ने बताया कि गैंग का नेटवर्क झारखंड के बाहर तक फैला हुआ है और गिरोह का एक रेस्टोरेंट भी दूसरे राज्य में संचालित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और व्यवसायियों से अपील की है कि अगर किसी को रंगदारी कॉल मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
