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गोड्डा के तुलाराम भूस्खा स्कूल में नामांकन को लेकर बवाल, छात्रों ने लगाए पैसे मांगने के आरोप

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अजित जायसवाल/गोड्डा

गोड्डा जिले के तुलाराम भूस्खा प्लस टू हाई स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन और कुछ शिक्षकों पर इंटरमीडिएट में नामांकन के नाम पर छात्रों से अवैध रूप से पैसे मांगने और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। जानकारी के अनुसार हाल ही में जैक बोर्ड द्वारा इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद स्कूल में साइंस और कॉमर्स संकाय में नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन केवल उन्हीं छात्रों का नामांकन ले रहा है जो अतिरिक्त पैसे देने को तैयार हैं। वहीं सेकंड डिवीजन से पास हुए छात्रों को एडमिशन देने में टालमटोल की जा रही है। पीड़ित छात्रों के मुताबिक जब उन्होंने शिक्षकों से नामांकन नहीं लेने का कारण पूछा, तो कथित तौर पर कहा गया कि “एडमिशन होगा, लेकिन इसके लिए एक से दो हजार रुपये बेसिक देना होगा।” छात्रों का कहना है कि बिना पैसे दिए नामांकन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।

विरोध करने पर छात्रों से अभद्र व्यवहार

छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पूरे मामले का विरोध किया और शिक्षकों से विनम्रता से बात करने की कोशिश की, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि कुछ छात्रों को विद्यालय परिसर से बाहर तक निकाल दिया गया। इस घटना के बाद कई छात्र डरे और सहमे हुए हैं। एक छात्र ने बताया कि विद्यालय के कुछ शिक्षक दबंग प्रवृत्ति के हैं और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं रहते। छात्रों के अनुसार शिक्षकों ने यहां तक कह दिया कि “हमें किसी बड़े अधिकारी का डर नहीं लगता, कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार जहां एक ओर भ्रष्टाचार मुक्त और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप पूरे सिस्टम की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि छात्रों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक होगा बल्कि शिक्षकों की जिम्मेदारी और मर्यादा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

मामले को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी शिक्षकों व प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिनव कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्य सामने आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है।

 

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