जमशेदपुर
जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाये जाने के बावजूद सड़क हादसों में मौतों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा. अप्रैल माह में जिले में 31 सड़क दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मौत हो गयी. इनमें शहर क्षेत्र में 13 तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर 11 लोगों ने जान गंवायी. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब प्रशासन के दावों के मुताबिक, ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये जा चुके हैं, ड्रिंक एंड ड्राइव और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाये जा रहे है, तो आखिर हादसे क्यों नहीं रुक रहे?
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर DC ने जताई चिंता
समाहरणालय सभागार में सोमवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं यातायात प्रबंधन की बैठक में डीसी राजीव रंजन ने दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता जतायी. समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश हादसे तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने के कारण हुए. हालांकि प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य उच्च पथों पर दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, रंबल स्ट्रिप, रेडियम संकेतक, स्ट्रीट लाइट मरम्मत और क्रैश बैरियर लगाने जैसे उपायों की बात कही गयी, लेकिन लगातार हो रही मौतें इन व्यवस्थाओं की जमीनी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं.

समर वेकेशन के बाद स्कूल वाहनों के होगी जांच
बैठक में यह भी तय हुआ कि समर वेकेशन के बाद स्कूल वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाया जायेगा. बिना फिटनेस, बिना परमिट, ओवरलोडेड और पुराने वैन-ऑटो को स्कूल परिवहन से हटाया जायेगा. यह निर्णय भी ऐसे समय में लिया गया है जब शहर में लंबे समय से जर्जर स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर शिकायतें उठती रही हैं.
जागरूकता अभियान और चेकिंग सख्त करें ट्रैफिक पुलिस: DC
डीसी ने परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को ड्रिंक एंड ड्राइव, ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने का निर्देश भी दिया है. साथ ही स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और हेलमेट अभियान तेज करने को कहा गया है. इस बैठक में रूरल एसपी, डीटीओ, एसडीएम धालभूम, एसडीपीओ घाटशिला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और स्कूल वाहन संचालकों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
