दीपक झा/जामताड़ा
जामताड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए सोमवार शाम जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की लचर व्यवस्था और गंदगी देखकर उपायुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने के लिए महज 4-5 दिनों का समय दिया है। उपायुक्त ने सदर अस्पताल के ओपीडी, पुरुष एवं महिला वार्ड, एसएनसीयू, बर्न वार्ड, अल्ट्रासाउंड केंद्र, डायलिसिस यूनिट और ऑपरेशन थिएटर समेत लगभग सभी विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे बड़ी लापरवाही ड्यूटी रोस्टर को लेकर सामने आई। अस्पताल में कहीं भी ड्यूटी रोस्टर नहीं लगा होने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि अविलंब रोस्टर चस्पा किया जाए, ताकि मरीजों को यह जानकारी मिल सके कि कौन से डॉक्टर ड्यूटी पर हैं।

मरीजों से बातचीत में खुली खामियां, बेडशीट और सफाई पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सीधे मरीजों और उनके परिजनों से संवाद किया, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मरीजों के बेड पर न तो हिस्ट्री टिकट था और न ही जांच रिपोर्ट संलग्न थी। एक महिला मरीज ने बेडशीट नहीं मिलने की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। अस्पताल परिसर में मकड़जाल, गंदे बाथरूम और अस्त-व्यस्त दवा स्टोर रूम को देखकर उन्होंने सिविल सर्जन को कड़े निर्देश दिए। साथ ही हेल्थ इंफॉर्मेशन कियोस्क को तुरंत चालू करने और मरीजों के भोजन का मेन्यू सार्वजनिक रूप से चस्पा करने का आदेश दिया, ताकि तय मेन्यू के अनुसार ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

4-5 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को उच्च स्तरीय सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सिविल सर्जन के साथ ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह फंक्शनल बनाने पर भी चर्चा की। उपायुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं 4-5 दिनों के भीतर दोबारा अस्पताल का निरीक्षण करूँगा। यदि तब तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाई गईं, तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”