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जामताड़ा के किसान ने सब्जियों से लिखी सफलता की नई कहानी, हर सीजन कमा रहे लाखों

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दीपक झा/जामताड़ा
जामताड़ा जिला जो अब तक साइबर क्राइम के लिए देश भर में चर्चा में रहता था, अब एक नई वजह से सुर्खियों में है। जिले के करमाटांड़ प्रखंड के शियाटांड़ गांव के एक प्रगतिशील किसान, कृष्ण मोहन मंडल ने अपनी मेहनत से इलाके की तस्वीर बदल दी है। जिस क्षेत्र को साइबर जोन घोषित किया गया है, वहां आज कृष्ण मोहन के खेतों में ताजी हरी सब्जियां लहलहा रही हैं। ​कृष्ण मोहन मंडल वर्तमान में लगभग 4 एकड़ जमीन पर आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उनके खेतों में तरबूज, कद्दू, भिंडी और करेला जैसी सब्जियों की बंपर पैदावार हो रही है। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि वे हर सीजन में 2.5 से 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।


बाजार में सब्जियों की खपत भी जबरदस्त 
​सिर्फ पैदावार ही नहीं, बल्कि बाजार में इसकी खपत भी जबरदस्त है। कृष्ण मोहन के खेतों से प्रतिदिन करीब 3 से 4 क्विंटल ताजी सब्जियां जामताड़ा और देवघर के बाजारों में भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे साल 2007 से ही खेती से जुड़े हुए हैं, लेकिन सही प्रबंधन और लगन ने अब उन्हें एक सफल कृषि उद्यमी बना दिया है। कृष्ण मोहन की इस सफलता की गूंज जिला प्रशासन तक भी पहुंची है। जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने स्वयं शियाटांड़ गांव पहुंचकर कृष्ण मोहन से मुलाकात की। उन्होंने खेतों का जायजा लिया और किसान के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं और खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी।


​चुनौतियां और उम्मीदें
​हालांकि, सफलता की इस राह में चुनौतियां भी हैं। कृष्ण मोहन का कहना है कि यदि सरकार गर्मी के महीनों में सिंचाई (पानी) की पुख्ता सुविधा मुहैया करा दे, तो वे साल के बारहों महीने खेती कर सकते हैं। जामताड़ा के इस 'साइबर जोन' में कृष्ण मोहन मंडल की यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है कि मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास से न केवल अपनी किस्मत बदली जा सकती है, बल्कि समाज के कलंक को भी धोया जा सकता है।

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