रांची:
झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि हमें राष्ट्रीय जनता दल और वामदल ने धोखा दिया। उन्होंने कह कि आरजेडी और वामदल के विधायकों ने पैसा लेकर एनडीए समर्थित प्रत्याशी के हक में वोटिंग की है। के राजू ने कहा कि प्रणव झा को कांग्रेस के सभी 16 विधायकों का वोट मिला। क्या इस परिणाम का सरकार की सेहत पर असर होगा, के. राजू ने कहा कि भविष्य में इस विषय को देखेंगे। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी कहा है कि आरजेडी और वामदल के विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश प्रभारी ने ऐसा बयान दिया, तो सही कहा होगा।
वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि के. राजू ने अपने स्त्रोत के हिसाब से बयान दिया होगा। मैं अभी जल्दीबाजी में कोई बात नहीं कहना चाहता। मैं पहले आश्वस्त होना चाहूंगा।
कांग्रेस के सभी विधायकों की एकजुटता का दावा
हेमंत कैबिनेट में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट थे। झामुमो का पर्याप्त सहयोग मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 4 मत का वादा किया था और वह हमें मिला है। दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि झामुमो के विधायकों ने द्वितीय प्राथमिकता का वोट भी मिला। क्या इस परिणाम का असर सरकार की सेहत पर पड़ेगा। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह कहना जल्दीबाजी होगा, लेकिन मंथन तो होगा। उन्होंने कहा कि सारी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी और इसकी समीक्षा होगी।
इससे पहले कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने भी कहा कि सरकार में शामिल रहना है कि नहीं, इसकी समीक्षा जरूर होगी।

इंडिया गठबंधन में कुल 56 विधायक हैं
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के पास स्वाभाविक रूप से 56 विधायकों का समर्थन था। झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, आरजेडी के 4 और वामदल के 2 विधायक थे। झामुमो ने दावा किया था कि उनके पास 61 विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस पार्टी भी प्रणव झा की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही थी। हालांकि, परिणाम उनके लिए चौंकाने वाला रहा है।