द फॉलोअप डेस्क
झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के फर्जी प्रश्न पत्र मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की विशेष टीम ने बुधवार देर रात बिहार के सहरसा से अमृत राज उर्फ बुलबुल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों ने ही परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें सॉल्वर गैंग की सक्रिय भूमिका सामने आई है। मामले में अब तक कुल 164 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी पहले से जेल भेजे जा चुके मास्टरमाइंड वत्स के सहयोगी हैं। इस मामले में तमाड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

ईपीएफओ में क्लर्क था मुख्य आरोपी अमृत राज
गिरफ्तार आरोपी अमृत राज उर्फ बुलबुल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पूछताछ में उसका नाम सामने आया था। पुलिस को शक है कि अमृत राज भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा था। अब पुलिस उसके बैंक लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
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तमाड़ के नर्सिंग कॉलेज में हुआ था गैंग का खुलासा
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में पुलिस ने छापेमारी कर कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया था। कार्रवाई के दौरान गैंग के कई सदस्य और अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए थे। जांच में पता चला था कि 12 अप्रैल को होने वाली परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। आरोपियों का दावा था कि परीक्षा में वही प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से लाखों रुपये वसूले गए थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।