द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी अवमानना याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई की। जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने मंदिर के कायाकल्प को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द शुरू होना चाहिए।

80 करोड़ की योजना, 6 हफ्ते में DPR देने का निर्देश
सुनवाई के दौरान सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़ी कंपनी ‘चड्ढा एसोसिएट’ की ओर से राजीव चड्ढा ने मंदिर परिसर के मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन दिया। कोर्ट के समक्ष वीडियो, फोटोग्राफ और नक्शे के जरिए भविष्य की योजना प्रस्तुत की गई। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि इस परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे देखने के बाद हाईकोर्ट ने विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया।

दुकानदारों के पुनर्वास की तैयारी
सुनवाई के दौरान रामगढ़ के उपायुक्त व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मंदिर परिसर में प्रभावित होने वाले 254 दुकानदारों के लिए अगले 15 दिनों के भीतर अस्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्थायी पुनर्वास के लिए 3.8 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जहां दुकानें और पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।

पुरानी योजना पर फिर बढ़ी उम्मीदें
प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मंदिर के विकास की योजना कोई नई नहीं है। वर्ष 2002 में ही इसके लिए 125 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके बाद 2017-18 में डीपीआर तैयार हुआ और 2018 में करीब 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी और उस दिन भी रामगढ़ उपायुक्त को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। यह याचिका संजीव कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है।