द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मंगलवार को दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश हुई, लेकिन इसके साथ ही वज्रपात ने भारी तबाही मचा दी। राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की चपेट में आने से 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। अधिकांश लोग खेतों में धान रोपाई और कृषि कार्य के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आए। पलामू के मोहम्मदगंज में पुष्पा देवी (38) की मौत हो गई। गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव की कदरून खातून (45), लातेहार के जालिम गांव के शिवनाथ उरांव, चंदवा के सुरली गांव के उपेंद्र उरांव (18), दुमका के रामगढ़ में आलतामुनी मरांडी (20), बाबूलाल हेंब्रम (30) और रोहित कुंअर (35) की भी वज्रपात से जान चली गई। चतरा के लावालौंग में संजय भुईयां (30) की मौत हुई। वहीं गिरिडीह में ठनका गिरने से चार किशोर समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल बताए गए हैं। कई घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

रांची समेत कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
मंगलवार को लोहरदगा में 46 मिमी, रांची में 35 मिमी और रांची से सटे कांके में 76 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर में 10 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, खूंटी में 5 मिमी और सिमडेगा में 23 मिमी बारिश हुई। बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली, लेकिन वज्रपात की घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर दिया।
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8 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 5 अगस्त को गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं 6 और 7 अगस्त को रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गुमला, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है।