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चुनाव आयोग से JMM ने पूछा झारखंड में SIR प्रक्रिया में बदलाव क्यों

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द फॉलोअप, रांची
झामुमो ने बिहार में हुए गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया को रेखांकित करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड को भेजे पत्र में कहा है कि बिहार में मतदाता गणना (Enumeration) प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं से दस्तावेज प्राप्त करने की व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। वहां निर्वाचन आयोग के 24 जून 2025 के SIR दिशा-निर्देशों के अनुसार हाउस-टू-हाउस (H2H) गणना के दौरान प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र के साथ आवश्यक जानकारी और स्वप्रमाणित दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। वहीं आयोग के पत्र में यह भी कहा गया था कि प्राप्त गणना प्रपत्रों और दस्तावेजों के आधार पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) प्रारूप मतदाता सूची तैयार करेंगे। पार्टी ने पूछा है कि यदि दस्तावेज गणना प्रपत्र के साथ नहीं लिए जाना है तो आयोग की ओर से झारखंड में ऐसी व्यवस्था क्यों की गई है और क्या इसके लिए कोई अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 

पत्र में यह भी कहा गया है कि वर्तमान समय में मतदाता सूचियों में "Anomaly" और "Unmapped Status" जैसे मामलों की पहचान तकनीकी माध्यमों से की जा रही है। ऐसे में सभी मतदाताओं से दस्तावेज प्राप्त करने की अनिवार्यता प्रशासनिक बोझ बढ़ा सकती है। जेएमएम ने सुझाव दिया कि केवल संदिग्ध या चिन्हित मामलों में ही दस्तावेज सत्यापन कराया जाए, ताकि बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ पर अतिरिक्त दबाव न पड़े तथा आम मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। पार्टी ने आयोग से इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और झारखंड में ऐसी किसी प्रक्रिया के लागू होने की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। 


 

Tags - JMM SIR process question