नंदलाल तुरी
झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती रविवार को पाकुड़ स्थित झामुमो जिला कार्यालय में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुजी शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस अवसर पर महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, झामुमो जिला अध्यक्ष एजाजुल इस्लाम, पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम यादव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए किए गए योगदान को याद किया तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
जयंती के अवसर पर झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सदर अस्पताल, पाकुड़ पहुंचकर मरीजों के बीच फल और कंबल का वितरण किया। इस मानवीय पहल से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर राहत और खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम के अंतिम चरण में झामुमो कार्यकर्ता ब्लड बैंक पहुंचे, जहां उन्होंने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस दौरान सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। इस मौके पर महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आवाज और पहचान थे। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि झामुमो कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि गुरुजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय व अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया जाए। वहीं झामुमो जिला अध्यक्ष एजाजुल इस्लाम ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है। पार्टी कार्यकर्ता उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
