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गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर कल्पना बोली, यह पूरे झारखंडी जनमानस का सम्मान

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द फॉलोअप, रांची
झामुमो के सुप्रीम और झारखंड आंदोलन के महानायक रहे स्वर्गीय शिबू को केंद्र सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद पूरे राज्य में उत्साह और गर्व का माहौल है। इस अवसर पर झामुमो नेता एवं विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि यह दिन पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा शिबू सोरेन को मिला यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, संघर्ष और जनभावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि दशकों लंबे संघर्ष, बलिदान और झारखंडी पहचान की लड़ाई को राष्ट्र की ओर से यह सच्ची श्रद्धांजलि और सम्मान मिला है।

उन्होंने कहा कि पद्म भूषण सम्मान झारखंड आंदोलन की मूल भावना, आदिवासी स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के लिए बाबा के आजीवन समर्पण को देश का नमन है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को भी संघर्ष और जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा। गौरतलब है कि शिबू सोरेन, जिन्हें लोग सम्मानपूर्वक ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जानते हैं, ने आदिवासियों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन से लेकर अलग झारखंड राज्य के निर्माण तक उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पद्म भूषण सम्मान उनके उस जमीनी संघर्ष की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है, जिसने झारखंड को नई पहचान दिलाने के साथ आदिवासी समाज की आवाज को देशभर में मजबूत किया।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण, झारखंड के लिए गौरव का क्षण : आलोक दूबे
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल बाबा शिबू सोरेन का नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, आदिवासी स्वाभिमान और लंबे जनसंघर्षों का सम्मान है। दूबे ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा झारखंड आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने में शिबू सोरेन की ऐतिहासिक भूमिका रही। तीन बार मुख्यमंत्री और कई बार सांसद रहे शिबू सोरेन का संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। यह पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है।


 

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