द फॉलोअप डेस्क, रांची:
केंद्र सरकार ने यदि ई-कल्याण स्कॉलरशिप के लिए अपने हिस्से का बकाया पैसा नहीं दिया तो झारखंड से कोयले का एक भी ढेला नहीं ले जाने दिया जायेगा। प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने ये अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोर्ट जाने की बात भी कही। द फॉलोअप से बातचीत में चमरा लिंडा ने ई-कल्याण स्कॉलरशिप को लेकर जारी संकट और छात्रों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक केंद्र सरकार को स्कॉलरशिप स्कीम की 60 फीसदी राशि का वहन करना है और बाकी का 40 फीसदी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्ष 2024 से केंद्र की मोदी सरकार ने अपने हिस्से की रकम नहीं भेजी और योजना संकट में पड़ गई है।
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि झारखंड को गैर बीजेपी शासित राज्य होने की सजा दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपानीत एनडीए सरकार, झारखंड सरकार को आर्थिक मोर्चे पर कमजोर करने की मंशा रखती है।

केंद्र सरकार ने अपने हिस्से का 600 करोड़ नहीं दिया
गौरतलब है कि चमरा लिंडा ने कहा था कि केंद्र से राशि नहीं मिली है, लेकिन राज्य सरकार अपने मद से छात्रवृत्ति का भुगतान करेगी। बावजूद इसके संकट क्यों है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने हिस्से से 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ क्योंकि केंद्र से उसके हिस्से का 600 करोड़ रुपया नहीं मिला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उसके हिस्से के 600 करोड़ रुपये में से केवल 56 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, वह भी 2 किश्तों में।

केंद्र ने पैसा नहीं दिया तो झारखंड भी नहीं देगा कोयला!
चमरा लिंडा ने कहा कि केंद्र सरकार को संवैधानिक व्यवस्था के तहत स्कॉलरशिप स्कीम में 60 फीसदी रकम देना है, लेकिन उसने राशि रोक दी है। हालांकि, केंद्र सरकार झारखंड से उसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत कोयला ले जाती है जिसे हम रोकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने ससमय स्कॉलरशिप स्कीम का बकाया पैसा नहीं दिया तो झारखंड से कोयले का एक ढेला भी नहीं ले जाने देंगे। इस बीच मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों की छात्रवृत्ति का पैसा तो दे रही है, लेकिन अनुसूचित जनजाति औऱ अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं दे रही है।
चमरा लिंडा ने आदिवासी छात्रों से आवाह्न किया है कि वे कमर कस लें, क्योंकि माइंस पर ताला लगाने की नौबत कभी भी आ सकती है।

झारखंड में मिलती है प्री और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप
गौरतलब है कि झारखंड में प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देने के लिए ई-कल्याण स्कॉलरशिप स्कीम चलाई जाती है। इसमें एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता दी जाती है। हालांकि, 2024 के बाद से इसमें अनियमितता की शिकायत मिल रही है। रांची और हजारीबाग समेत कई जिलों में इसे लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हो चुका है। चमरा लिंडा ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की तरफ से छात्रवृत्ति को लेकर पर्याप्त सहायता नहीं की जा रही है।