जामताड़ा:
जामताड़ा थानाक्षेत्र के सुपायडीह गांव के पास पुलिस एनकाउंटर में मारे गए झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का पोस्टमार्टम सोमवार को मजिस्ट्रेट और मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी में पूरा हो गया। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए शव को उसके सास या साले को सौंपने से इनकार कर दिया है। जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो के अनुसार, शव केवल सुजीत के सगे भाई को ही सौंपा जाएगा।

सगे भाई को ही सौंपा जायेगा शव
सूत्रों के मुताबिक, मृतक गैंगस्टर का भाई मंगलवार सुबह तक जामताड़ा पहुंच सकता है। उसके आगमन के बाद सभी आवश्यक कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। रविवार देर रात हुई इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
जामताड़ा में हुआ सुजीत सिन्हा का एनकाउंटर
गौरतलब है कि रविवार की देर रात को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान जामताड़ा में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने जानकारी दी कि जामताड़ा के सुपाईडीह के पास सुनसान इलाके में सुजीत सिन्हा को ला रहा पुलिस वाहन पंक्चर हो गया था। सुजीत सिन्हा को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसने टॉयलेट जाने की बात कही। जब उसे टॉयलेट कराने ले जाया जा रहा था, तभी उसने एक जवान का राइफल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस बल पर फायरिंग भी की। जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें सुजीत सिन्हा मारा गया।

मूलरूप से पलामू जिले का रहने वाला था सुजीत
मूलरूप से पलामू जिले का रहने वाला सुजीत सिन्हा वर्ष 2005 के आसपास अपराध की दुनिया में आया। कोल्हान और छोटानागपुर में रंगदारी, हत्या, वसूली, डकैती और धमकी समेत कई संगीन धाराओं में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज है। कहा जाता है कि जेल से ही वह अपने अपराध का साम्राज्य चलाया करता था, जिसमें उसका सहयोग उसकी पत्नी और प्रेमिका करती थी। यही वजह है कि उसे अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जाता था। सुरक्षा कारणों से उसे साहिबगंज से धनबाद शिफ्ट किया जा रहा था, जब यह घटना घटी।