द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में अप्रैल महीने के दौरान मौसम के मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार महीने के पहले सप्ताह में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, दूसरे और तीसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने 2 और 3 अप्रैल को आसमान साफ रहने की बात कही है, जिससे तापमान में वृद्धि होगी। वहीं 4 अप्रैल को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा और धनबाद समेत कई जिलों में मेघ गर्जन के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी आशंका है। इसे देखते हुए विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल में झारखंड का मौसम मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी और कभी-कभी अरब सागर से आने वाली नमी पर निर्भर करता है। जब तक नमी का असर बना रहेगा, तब तक बीच-बीच में बारिश होती रहेगी और तापमान नियंत्रित रहेगा। लेकिन नमी में कमी आते ही गर्मी और उमस तेजी से बढ़ेगी।

मौसम केंद्र रांची के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार महीने के अंत तक अधिकतम तापमान पुराने रिकॉर्ड को पार कर सकता है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2016 में रांची का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि 2022 में यह 41.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार भी तापमान 42 डिग्री या उससे अधिक जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कई जिलों में अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री रहने का अनुमान है।

मौसम में इस बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। तेज हवा, बारिश और संभावित ओलावृष्टि से फल और सब्जियों को नुकसान होने की आशंका है। आम के टिकोले प्रभावित हो सकते हैं और दलहन फसलों में फफूंद रोग का खतरा बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे सब्जियों की नर्सरी को पॉलीहाउस या पॉलीथिन से सुरक्षित रखें। साथ ही, लोगों को भी दोपहर के समय लू और गर्म हवाओं से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।