द फॉलोअप डेस्क
मोंथा चक्रवात के प्रभाव से हजारीबाग जिले में लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इस अनियमित बारिश से आलू की खेती पूरी तरह से चौपट हो गई है। खेतों में पानी भर जाने से तैयार फसल सड़ने लगी है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।.jpeg)
इस बार पहले ही लगातार बारिश के कारण आलू की खेती प्रभावित हुई थी। अब दोबारा हुई बेमौसम बारिश ने उन किसानों की उम्मीदें भी तोड़ दी हैं, जिन्होंने किसी तरह कुछ आलू की फसल तैयार की थी। खेतों में पानी भर जाने से आलू सड़ गए हैं और उपज पूरी तरह से खराब हो गई है।.jpg)
किसान राजू कुमार ने बताया कि इस बार की बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उनका कहना है कि जो थोड़ी बहुत उपज बची भी है, उसे किसान मजबूरी में कम दामों पर बेच रहे हैं। बारिश के कारण आलू की आपूर्ति घटने से बाजार में इसके दाम बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर आलू की खेती की थी, लेकिन फसल बर्बाद होने से अब वे आर्थिक संकट में हैं। किसानों ने राज्य सरकार से फसल की बर्बादी पर उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें और कर्ज के बोझ से उबर सकें।
मोंथा चक्रवात के कारण हुई बेमौसम बारिश ने हजारीबाग जिले के किसानों को गहरी चोट दी है। अब किसानों की एक ही उम्मीद है सरकार उनकी इस मुश्किल घड़ी में मदद करे और नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज की घोषणा करे।