रांची
झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CTI) में आयोजित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के 17वें स्थापना दिवस समारोह का बतौर मुख्य अतिथि उदघाटन किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वीएलई (Village Level Entrepreneurs) को सम्मानित किया गया। साथ ही CSC eStore एवं झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी (JSLPS) के बीच एक महत्वपूर्ण (MOU) समझौता हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 21वीं सदी के भारत की जो परिकल्पना की थी, उसमें डिजिटल भारत एक महत्वपूर्ण विचार था। उसी दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाते हुए यूपीए सरकार के कार्यकाल में कॉमन सर्विस सेंटर जैसी पहल की शुरुआत हुई, जिसका सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आज डिजिटल सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं और ग्रामीणों को सरकारी सुविधाएं उनके घर के निकट उपलब्ध हो रही हैं।

'पलाश' और 'अदिवा' जैसे ब्रांड के माध्यम से नई पहचान
उन्होंने कहा कि पहले पैन कार्ड, आधार, बैंकिंग सेवाएं, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सीएससी और वीएलई के माध्यम से ये सभी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं। इससे समय, धन और श्रम तीनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीणों का जीवन अधिक सुगम बन रहा है। मंत्री ने कहा कि CSC eStore एवं JSLPS के बीच हुआ समझौता ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को 'पलाश' और 'अदिवा' जैसे ब्रांड के माध्यम से नई पहचान दे रही है।
अब इन उत्पादों की बिक्री CSC के ई-कॉमर्स नेटवर्क के जरिए भी होगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी साथ ही महिलाओं की उद्यमिता को नई गति मिलने के साथ साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

आधार सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति
दीपिका पांडेय सिंह ने वीएलई को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत भवनों में स्थान देकर उन पर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन में सीएससी संचालित होने से वीएलई की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी हैं। उन्होंने सभी वीएलई से आग्रह किया कि वे पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएं। सरकार समय-समय पर आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यूआईडीएआई एवं सीएससी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि आधार सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में यूआईडीएआई के साथ हुए एमओयू के अनुरूप पंचायतों में आधार सेवाएं शुरू करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वर्तमान में कई पंचायतों में इसकी शुरुआत हो चुकी है और सरकार का लक्ष्य है कि 15 नवंबर, झारखंड स्थापना दिवस से पहले राज्य की सभी पंचायतों में आधार सेवाएं उपलब्ध करा दी जाएं, ताकि आधार से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को प्रखंड एवं जिला कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शासन को नई मजबूती
मंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग और सीएससी मिलकर डिजिटल पंचायत के राज्य सरकार के विजन को साकार कर रहे हैं। बैंकिंग, ई-गवर्नेंस और अब आधार सेवाओं के पंचायत स्तर तक विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शासन को नई मजबूती मिली है। आने वाले समय में और भी अधिक नागरिक सेवाओं को पंचायत भवनों एवं सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पलाश और आदिवा जैसे ब्रांड के उत्पादों को पर्यटन स्थलों और विभिन्न सरकारी भवनों में प्रदर्शित एवं विपणन करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जिससे इन उत्पादों की गुणवत्ता, पहचान और बिक्री तीनों में वृद्धि होगी और ग्रामीण उद्यमियों को नए बाजार उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी., यूआईडीएआई रांची के निदेशक नीरज कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता (आईएएस), सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सीएससी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में वीएलई उपस्थित थे।