रांची
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस की पूर्व संध्या पर रांची के लेवल7 स्काईलाइन स्थित साइबरपीस कैफे से एक ऐसी यात्रा की शुरुआत हुई, जो ईस्पोर्ट्स को सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, राष्ट्र-निर्माण का माध्यम बनाना चाहती है। साइबरपीस ने कर्टेन रेजर के साथ नेशनल साइबरपीस ईस्पोर्ट्स लीग (सीईएल) 10.0 का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसका मुख्य आयोजन 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगा। दसवें संस्करण तक पहुंचते-पहुंचते यह लीग एक शहर-स्तरीय टूर्नामेंट से राष्ट्रीय आंदोलन बन चुकी है, अपनी तरह की इकलौती लीग, जहां स्कोरबोर्ड कौशल मापता है और मिशन प्रभाव।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र की शांति दिवस थीम ‘शांति में निवेश : सबके लिए, हर जगह, हर दिन’ शांति के रोजमर्रा के शिल्पकारों का सम्मान करती है। सीईएल 10.0 इसी आह्वान को साइबरस्पेस तक ले जाता है, भारत के गेमर्स को ‘डिजिटल शांति के रोजमर्रा के शिल्पकार’ बनने का निमंत्रण देते हुए। पहल तीन स्तंभों पर टिकी है : एथिकल गेमिंग, जिम्मेदार खेल और सुदृढ़ समुदाय।
.jpeg)
चुनौतियों का जवाब
साइबरपीस के अनुसार, यह लीग उन चुनौतियों का जवाब है जो भारत के डिजिटल विस्तार जितनी ही तेजी से बढ़ रही हैं- स्कैम, वित्तीय धोखाधड़ी, साइबरबुलिंग, डीपफेक और भ्रामक सूचनाओं जैसे ऑनलाइन खतरे, गेमिंग स्पेस की टॉक्सिसिटी और जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता की कमी। टीमवर्क, रणनीतिक सोच, त्वरित निर्णय, संवाद और परिस्थितिजन्य सजगता जैसी गेमिंग से निखरी क्षमताओं को उपयुक्त प्रशिक्षण के जरिए सुरक्षित डिजिटल समुदायों की ताकत बनाया जाएगा। परिकल्पित यात्रा है : गेमर → जिम्मेदार गेमर → साइबरपीस कीपर → साइबर फर्स्ट रिस्पांडर → सुदृढ़ समुदाय।
पीढ़ी के सबसे गतिशील डिजिटल समुदायों में से एक
साइबरपीस के संस्थापक एवं ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस की पूर्व संध्या पर हम शांति का संदेश अपनी पीढ़ी के सबसे गतिशील डिजिटल समुदायों में से एक — गेमिंग — तक ले जा रहे हैं। गेमर्स टीमवर्क, रणनीति, त्वरित निर्णय और अपनी टीम की रक्षा करना जानते हैं। सीईएल 10.0 के जरिए हम इसी भावना को खेल से आगे ले जाकर गेमर्स को साइबरपीस कीपर्स और साइबर फर्स्ट रिस्पांडर्स बनने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। यह यात्रा रांची से शुरू होकर 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक जाएगी।”

48 टीमें चार ग्रुपों में हिस्सा ले रही हैं
कर्टेन रेजर में फ्री फायर मैक्स स्क्वाड टूर्नामेंट के तहत 48 टीमें चार ग्रुपों में हिस्सा ले रही हैं। हर ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें 12-टीम ग्रैंड फाइनल में पहुंचेंगी, जहां छह मैचों के संचयी अंकों से चैंपियन, रनर-अप और सेकंड रनर-अप तय होंगे। विजेताओं को नकद पुरस्कार, मेडल और ब्लॉकचेन-वेरिफाइड प्रमाणपत्र मिलेंगे। खास बात यह है कि लीग ‘सेफ्टी बाय डिजाइन’ पर आधारित है — टॉक्सिसिटी पर जीरो टॉलरेंस वाली आचार संहिता, फेयर-प्ले व एंटी-चीट मानक और नाबालिगों के लिए अभिभावक सहमति जैसी व्यवस्थाओं के साथ यह टूर्नामेंट जिम्मेदार गेमिंग की सिर्फ बात नहीं करता, उसे करके दिखाता है। यह आयोजन साइबरपीस समिट 3.0 का आधिकारिक प्री-समिट इवेंट भी है।
लीग स्क्रीन और खेल के मैदान के संतुलन
फिट इंडिया मूवमेंट की भावना के अनुरूप लीग स्क्रीन और खेल के मैदान के संतुलन — शारीरिक सक्रियता, स्वस्थ दिनचर्या और सजग स्क्रीन-टाइम — का संदेश भी देती है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ईस्पोर्ट्स को मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट्स के हिस्से के रूप में मिली मान्यता के दौर में सीईएल 10.0 प्रतिस्पर्धी खेल, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को एक साझा मंच पर जोड़ता है। यह पहल विकसित भारत@2047 की युवा-केंद्रित आकांक्षाओं के अनुरूप है, और इसकी आकांक्षा है, ‘भारत से विश्व के लिए’।

हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें