द फॉलोअप डेस्क
सागरिका, रांची में निवासरत ओड़िया समुदाय की एक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था है, जो वर्ष 1971 से सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी सागरिका द्वारा 2 अप्रैल को सेल सैटेलाइट टाउनशिप, रांची स्थित सामुदायिक भवन में उत्कल दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भगवान जगन्नाथ की वंदना के साथ हुआ। सागरिका के अध्यक्ष बी. के. परिडा ने अपने उद्घाटन संबोधन में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके पश्चात सागरिका की महिलाओं द्वारा ‘वंदे उत्कल जननी’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया। कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। सागरिका परिवार के बच्चों एवं महिलाओं ने नृत्य और संगीत के माध्यम से ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। प्रमुख आकर्षणों में ओडिसी नृत्य, कांची अभियान गीतिनाट्य, संबलपुरी लोक नृत्य ‘रसा जम्मु डाली’ तथा लोकप्रिय गीत ‘रंगबती रंगबती कनकलता’ शामिल थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी को उत्कल की गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध संस्कृति से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों एवं व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सागरिका की स्मारिका का विमोचन किया गया तथा चित्रकला एवं संगीत प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में सागरिका के बच्चों द्वारा ‘मो ओडिशा मो ओडिशा’ शीर्षक से वाद्य संगीत की प्रस्तुति भी दी गई। पवित्र कुमार चौधरी एवं गुरु अशोक कुमार मलिक को समाज के प्रति उनके समर्पण एवं निःस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

सागरिका के सलाहकार डॉ. जयंता कुमार रथ एवं मानस रंजन पांडा ने संयुक्त रूप से ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन सागरिका के उपाध्यक्ष पी. के. पाणिग्रही द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके पश्चात सभी के लिए स्वादिष्ट रात्रि भोज की व्यवस्था की गई। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुलग्ना महांति एवं सुश्री बनानी नंद ने सुंदर एवं सहज रूप से किया। सागरिका के सभी सदस्यों ने अपने परिवारों सहित कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। समिति के सदस्य संजीत दास, डॉ. सुसांत रथ, आलोक मोहंती, प्रियव्रत साहू, भजमन साबत, डॉ. बी. के. साहू, डॉ. तपस कुमार साहू, पी. के. पंडा, एम. आर. मिश्रा, अरुण पटनायक, सनत कुमार त्रिपाठी, अभिनाश कुमार साहू, डी. डी. कुमार, के. पी. पात्रा एवं बी. के. बिसोई ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
