द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले में सरहुल त्योहार हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आदिवासी संगठनों, पहान और पुजारियों ने मिलकर केंद्रीय शोभायात्रा निकाली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। झखरा कुंबा स्थित सरना स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस कार्यक्रम में लोहरदगा से कांग्रेस विधायक सह पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शोभायात्रा के दौरान आदिवासी समाज के लोग मांदर और नगाड़े की थाप पर झूमते नजर आए। वहीं, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा महिला समिति की महिलाओं ने प्रार्थना की अगुवाई की और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने राज्यवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल प्रकृति का पर्व है और आदिवासी समाज प्रकृति का उपासक होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें सब कुछ दिया है, लेकिन आज विश्व में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बढ़ गया है। उन्होंने मां सरना से प्रार्थना की कि विश्व में शांति स्थापित हो और युद्ध समाप्त हों, ताकि प्रकृति की रक्षा की जा सके।
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