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सिमडेगा में इलाज के इंतजार में मरीज ने दम तोड़ा, अस्पताल में डॉक्टर थे नदारद

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सिमडेगा
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल कुछ ऐसा है कि कभी एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीज की मौत हो जाती है, तो कभी बिजली के बिना अंधेरे में ऑपरेशन किया जाता है. अब डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण भी एक मरीज की जान चली गई. मरीज अस्पताल तो पहुंच गया, लेकिन डॉक्टर नदारद थे.

डॉक्टर के इंतजार में मरीज की मौत
मामला सिमडेगा जिला का है, जहां ठेठईटांगर रेफरल अस्पताल में एक मरीज इलाज कराने पहुंचा. सुबह के 6 बजे थे. इलाज के लिए मो. इमरान डॉक्टर का इंतजार कर रहा था. उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था, लेकिन आखिर में उसने दम तोड़ दिया. अस्पताल में डॉक्टर उपस्थित नहीं थे.परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत काफी गंभीर थी और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन उस समय डॉक्टर मौजूद नहीं थे. इस कारण इलाज शुरू नहीं हो पाया. काफी देर तक डॉक्टरों का इंतजार किया गया, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं पहुंचे.

जांच की मांग
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात हो गई है, जिसका खामियाजा गरीब मरीजों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है. लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है. वहीं इस मामले में सिविल सर्जन ने कहा कि वे पूरे मामले को जांच कर करवाई करेंगे.  

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