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स्पीकर का आग्रह स्लोगणयुक्त परिधान उतार दे, नहीं माना विपक्ष, कार्यवाही पौने चार बजे तक स्थगित 

स्पीकर का आग्रह स्लोगणयुक्त परिधान उतार दे, नहीं माना विपक्ष, कार्यवाही पौने चार बजे तक स्थगित 

द फॉलोअप डेस्क

दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव ने भाजपा विधायकों द्वारा पहने गए स्लोगणयुक्त परिधान पर सवाल उठाया। सत्तापक्ष के कुछ विधायक फिर से वेल में आ गए। इसपर स्पीकर ने कहा कि आप सभी अवगत हैं कि विधायिका की गरिमा सदस्यों के आचरण से बनती है। जनता विधायिका के हर आचरण को बारीकी से देखती है। संसदीय व्यवस्था में नियमों के अलावा बहुत चीजें परंपराओं पर भी चलती है। उन्होनें भाजपा विधायकों से आग्रह किया कि स्लोगणयुक्त परिधान बाहर फेंकर आएं। उन्होनें कहा कि स्लोगणयुक्त परिधान पहनकर आना नियम के अनुकूल नहीं है। सबको इस नियम का पालन करना चाहिए। इसपर भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि यह नियम उस समय कहाँ चल गया था जब 1932 खतियान को पारित कराने के लिए बुलाये गए विशेष सत्र में सत्ता पक्ष के सभी विधायक 1932 लिखा वस्त्र पहनकर आये थे। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री और सत्ता पक्ष के विधायक 1932 लिखा पट्टा लटकाए हुए थे। कहा कि सत्ता पक्ष को अब 1932 से चिढ़ क्यों है।