द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीन कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। यह तीनों कैदी 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 01:30 बजे जेल से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे थे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वरीय अधिकारियों ने जेल परिसर का निरीक्षण किया, तब पता चला कि फरार कैदियों में पिछले नौ माह से बंद देवा भुईंया और तीन माह से बंद शिवन रवानी और राहुल रजवार शामिल हैं। तीनों कैदियों ने पूरी तरह फिल्मी अंदाज में जेल से फरारी को अंजाम दिया था। कैदियों ने सबसे पहले जेल की खिड़की का रॉड काटा और बेडशीट के सहारे नीचे उतरे। इसके बाद आंतरिक दीवार फांदते हुए बाहरी दीवार के अंदरूनी हिस्से से गुजरकर गौशाला तक पहुंचे। वहां करीब 10 मिनट तक रुके रहने के बाद लोहे के हुक और चादर से रस्सी बनाकर और लकड़ी के डंडे का सहारा लेकर बाहरी दीवार पर चढ़े और जेल से फरार हो गए।
फरार कैदियों में देवा भुईंया (20 वर्ष), राहुल रजवार (27 वर्ष) और शिवन रवानी शामिल हैं, जिनमें शिवन रवानी आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। तीनों कैदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। पहली टीम तकनीकी शाखा के सहयोग से तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रही थी। दूसरी टीम कैदियों के भागने के रास्तों का ट्रेल खंगाल रही थी, जबकि तीसरी टीम वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी।
जांच के दौरान यह सामने आया कि जेल से भागने के बाद तीनों कैदी सबसे पहले सिंदर चौक पहुंचे, जहां से टोटो पकड़कर ईचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गांव पहुंचे। वहां देवा भुईंया अपने साढ़ू के घर रुका। इसके बाद तीनों पिकअप वाहन से बरकट्ठा, फिर बरही होते हुए कोडरमा पहुंचे। कोडरमा से लोकल ट्रेन पकड़कर गया गए और वहां से ट्रेन के माध्यम से क्यूल होते हुए जसीडीह पहुंचे। जसीडीह में तीनों कैदियों ने पुणे जाने वाली ट्रेन का करीब दो दिनों तक इंतजार किया। 4 जनवरी, रविवार को उन्होंने जसीडीह–पुणे एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी और 6 जनवरी को महाराष्ट्र पहुंचे।
महाराष्ट्र पहुंचने के बाद तीनों पैदल चलकर कोरटी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने एक पूर्व परिचित ईंट-भट्ठा मालिक से मुलाकात की और वहीं मजदूरी करने लगे। इसी दौरान गठित SIT टीम ने हजारीबाग के अलावा गिरिडीह, धनबाद, कोडरमा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में लगातार छापेमारी की। अंत में सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरटी ईंट-भट्ठा से पुलिस ने तीनों फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया। वहां से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर सभी कैदियों को सुरक्षित हजारीबाग लाया गया है।
