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बिटुमिन के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि और किल्लत से झारखंड में सड़क निर्माण पर लग सकता है ब्रेक

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द फॉलोअप, रांची
झारखंड में सड़क निर्माण पर अचानक ब्रेक लग सकता है। मिड्ल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। क्रूड ऑयल का आयात प्रभावित होने के कारण झारखंड में भी बिटुमिन की किल्लत हो गयी है। इसका दाम अप्रत्याशित रूप से 30-35 फीसदी तक बढ़ गया है। इस कारण पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के टेंडरों के प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हो गयी है। टेंडरों में बिडरों के भाग न लेने की संभावना बनने लगी है। बिटुमिन के दर में अप्रत्याशित वृद्धि और किल्लत की वजह से बिहार सरकार तत्काल इसके दर में संशोधन किया है। वहां अलग अलग ग्रेड के बिटुमिन की दर को बढ़ा कर 90  हजार से एक लाख रुपए प्रति टन किया गया है। लेकिन झारखंड में बिटुमिन की कीमत अभी भी 75-80 हजार रुपए प्रति टन है।


यहां मालूम हो कि राज्य सरकार द्वारा दी जानेवाली सड़क योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति में विभाग को 20 फीसदी तक ही दर को संशोधित करने का अधिकार है। मैटेरियल की कीमत में इससे अधिक की बढोत्तरी होने पर फिर से प्रशासनिक स्वीकृति लेनी पड़ती है। मालूम हो कि प्रशासनिक स्वीकृति के लिए कैबिनेट का एप्रुवल जरूरी होता है। यह इतनी दुरुह प्रक्रिया होती है कि हर टेंडर की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति लेना आसान नहीं होता है। साथ ही इसमें काफी समय जाया होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने तत्काल बिटुमिन के दर को संशोधित कर दिया है। ताकि वहां सड़क निर्माण का कार्य प्रभावित न हो।

Tags - Jharkhand Bitumen Road Construction Price Rise