द फॉलोअप डेस्क
पूरे देश में पारंपरिक ओडिया खाने को बढ़ावा देने के लिए, ओडिशा सरकार ने 'ओडिशा टूरिज्म (संशोधन) पॉलिसी, 2026' के तहत इंसेंटिव पाने के इच्छुक रेस्टोरेंट के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं। पर्यटन विभाग ने आठ मुख्य शर्तें तय की हैं जिन्हें पूरा करने पर ही रेस्टोरेंट को आर्थिक मदद मिल सकती है। इनमें ज़मीन का साफ़ मालिकाना हक या वैध लीज़ एग्रीमेंट, कम से कम 25 मेहमानों के बैठने की जगह, साफ़-सुथरी और पूरी तरह से काम करने वाली रसोई, और ज़मीन व इमारत की लागत को छोड़कर कम से कम 20 लाख रुपये का निवेश शामिल है।

अनुभवी ट्रेंड स्टाफ़ रखना होगा
रेस्टोरेंट को पारंपरिक ओडिया खाना पकाने में अनुभवी ट्रेंड स्टाफ़ रखना होगा, साफ़ सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराने होंगे, पार्किंग की पर्याप्त सुविधा सुनिश्चित करनी होगी, और अपने मेन्यू कार्ड पर ओडिया व्यंजन ओडिया और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दिखाने होंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पॉलिसी के तहत, ओडिया खाने में माहिर रेस्टोरेंट कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) और ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर (OPEX) दोनों तरह की मदद पा सकते हैं। CAPEX इंसेंटिव के तहत योग्य प्रोजेक्ट लागत का 30 प्रतिशत तक रिइंबर्समेंट (खर्च की भरपाई) मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये है। यह राशि ऑपरेशन के तीन वर्षों में तीन चरणों में जारी की जाएगी। ओडिशा के भीतर रेस्टोरेंट के लिए, योग्य खर्चों में इंटीरियर, फर्निशिंग, रसोई के उपकरण, नवीनीकरण और सिविल कार्य शामिल हैं। राज्य के बाहर के आउटलेट के लिए, फर्निशिंग, इंटीरियर और रसोई के उपकरण शामिल हैं।

ऑपरेटिंग लागत को कम करने की कवायद
ऑपरेटिंग लागत को कम करने के लिए, सरकार ने OPEX मदद की भी घोषणा की है। ओडिशा में रेस्टोरेंट को पहले साल में उनके मासिक बिजली बिल के दोगुने के बराबर रिइंबर्समेंट मिलेगा। दूसरे और तीसरे साल में, बिजली शुल्क और राज्य GST का रिइंबर्समेंट किया जाएगा। ओडिशा के बाहर के रेस्टोरेंट को तीन साल तक उनके मासिक बिजली शुल्क के दोगुने के बराबर रिइंबर्समेंट मिलेगा। अधिकतम लाभ प्रति यूनिट प्रति माह 2 लाख रुपये तक सीमित है। यह योजना ओडिशा भर में अधिसूचित पर्यटन स्थलों के साथ-साथ राज्य के बाहर के चुनिंदा शहरों में स्थित रेस्टोरेंट के लिए उपलब्ध होगी। इनमें मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं, जहां प्रति शहर पाँच रेस्टोरेंट तक लाभ उठा सकते हैं। पॉलिसी में आगरा, वाराणसी, गोवा, कोच्चि और जयपुर जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं, जहाँ प्रति स्थान दो रेस्टोरेंट की सीमा है।
