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असम : 14 दिनों तक उत्सव के रंग में डूबेगा बिजनई, आज से लक्ष्मी पूजा और मेले की शुरुआत 

 14 दिनों तक उत्सव के रंग में डूबेगा बिजनई, आज से लक्ष्मी पूजा और मेले की शुरुआत 

बिजनई

बिजनई आनेवाले 14 दिनों तक भक्ति (Devotion), संगीत (Music) और उत्सव (Festivity) के रंग में डूबा रहेगा। रविवार से यहां 135वीं 'श्री श्री लक्ष्मी पूजा और मेला' (Shri Shri Lakshmi Puja and Fair) की शुरुआत हो रही है। इतिहास (History) और सांस्कृतिक परंपराओं (Cultural Traditions) से जुड़े इस उत्सव का समापन 7 नवंबर को होगा। माना जाता है कि इस वार्षिक उत्सव (Annual Festival) की शुरुआत कोच राजा बिजीत नारायण के संरक्षण (Patronage) में हुई थी। समय के साथ, यह बिजनई और आसपास के जिलों के लिए एक बड़ा आयोजन (Major Event) बन गया है। यहां धार्मिक अनुष्ठानों (Religious Rituals), सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Programmes) और व्यापारिक आकर्षणों (Commercial Attractions) का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो बड़ी संख्या में भक्तों (Devotees), व्यापारियों (Traders) और पर्यटकों (Tourists) को अपनी ओर खींचता है।

सार्वजनिक मैदानों में तैयारियां जोरों पर

लक्ष्मी मंदिर परिसर और सार्वजनिक मैदानों में तैयारियां जोरों पर हैं। इस साल आयोजकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आधी रात तक चलाने का फैसला किया है, ताकि लोगों को उत्सव में शामिल होने के लिए अधिक समय मिल सके। आयोजन समिति ने रविवार सुबह उत्सव का झंडा फहराया। शाम 6 बजे बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलरी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। आयोजन समिति के एक सदस्य ने बताया, "हमने आज सुबह झंडा फहराया है। शाम 6 बजे हाग्रामा मोहिलरी 14 दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहेंगे। कल से तीन अलग-अलग मैदानों में मेले लगेंगे, जिनमें व्यापार मेला, सर्कस और अन्य आकर्षण शामिल होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम आधी रात तक चलेंगे।"

मेलों में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है

धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक गतिविधियों और व्यापारिक आकर्षणों के मेल से इन मेलों में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। चिरांग जिला प्रशासन इस आयोजन में सहयोग कर रहा है। वहीं, आयोजन समिति ने भीड़ को नियंत्रित करने और उत्सव का संचालन सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवकों (जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं) को तैनात करने की योजना बनाई है।


 

Tags - Bijni Lakshmi Festival Assam Culture