द फॉलोअप, दिल्ली
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो जारी कर स्पष्ट संदेश दिया है कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे कई आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं और मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत कानूनी आधार देने के लिए आवश्यक कानून भी लेकर आई है, ताकि भविष्य में पेपर लीक नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी
पीएम ने बताया कि परीक्षा सुधारों को नई दिशा देने के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी जिसकी अध्यक्षता प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे। यह समिति आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल परीक्षा सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों पर सरकार को सुझाव देगी।
प्रधानमंत्री के अनुसार टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाएंगे ताकि पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय बन सके। अपने संदेश में उन्होंने दोहराया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले इसके लिए परीक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत और आधुनिक बनाया जाएगा।