द फॉलोअप डेस्क
होली खत्म होते ही सियासी पारा एक बार फिर चढ़ना शुरू हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नागालैंड में खेला हो गया है। नागालैंड में जदयू भंग हो गई। नीतीश की जदयू वहां भाजपा को समर्थन दे दिया है। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि नीतीश कुमार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वहीं जदयू के साथ एनडीपीपी,लोजपा (रामविलास), आरपीआई (अठावले) ने भी गठबंधन सहयोगियों को समर्थन पत्र सौंप दिया है। इसके साथ ही नागालैंड में सर्वदलीय सरकार बन जाएगी।

जदयू ने केवल 1 सीट जीता
जानकारी हो कि नागालैंड में जदयू ने केवल 1 सीट जीता था। जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा का कहना है कि नीतीश कुमार के चेहरे पर उनके उम्मीदवार की जीत हुई थी, लेकिन उनके विधायक ने बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया जो सिद्धांत के खिलाफ है। वहीं, समर्थन देने के फैसले पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को देखते हुए राजनीतिक दलों ने बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया है।

विपक्ष विहीन सरकार बनाना चाहती भाजपा
जदयू प्रवक्ता डॉ सुनील सिंह ने कहा कि ये नगालैंड मॉडल है। जिसे भाजपा पूरे देश मे लागू करना चाहती है। दरअसल, वो विपक्ष विहीन सरकार बनाना चाहती है। भाजपा लोकतंत्र को तार-तार कर रही। भाजपा जिस नीयत से काम कर रही, उसकी शुरुआत हो गई है।