द फॉलोअप टीम, रांची:
चक्रवाती तूफान जवाद प्रभाव दिखाने लगा है। अनुमान है कि तूफान 4 दिसंबर की शाम तक ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकरायेगा। इसका प्रभाव अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा। चूंकि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जवाद का असर ज्यादा होगा इसलिए झारखंड में भी इसका प्रभाव पड़ना तय है क्योंकि ये पड़ोसी राज्य हैं। झारखंड में इसका कितना प्रभाव होगा।
झारखंड के किन हिस्सों में पड़ेगा असर
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक शनिवार और रविवार को चक्रवात जवाद की वजह से झारखंड के दक्षिणी, उत्तरी-पूर्वी औऱ मध्य भाग में हल्के दर्जे की बारिश होगी। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। शुक्रवार को ही झारकंड के दक्षिणी भाग में हल्के बादल छाने लगे थे। 4 दिसंबर की रात से बादल और भी घने हो जायेंगे। अगले 2 दिनों तक गरज के साथ छींटे पड़ेंगे। बारिश की वजह से तापमान गिरेगा औऱ ठिठुरन बढ़ेगी। सर्दी गंभीर हो जायेगी।

झारखंड के 14 जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, गुमला, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के कुछ हिस्सों में हल्के दर्जे की बारिश होगी। तूफान के मद्देनजर रेलवे और बिजली विभाग अलर्ट मोड पर हैं। रांची रेलमंडल से होकर जाने वाली पांच ट्रेनों को रद्द किया गया है। एनडीआरएफ की 4 टीमों को तैनात किया गया है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों में ही रहें। किसी भी परिस्थिति में बाहर ना निकलें।
किन राज्यों में चक्रवात का होगा प्रभाव
गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव की वजह से पैदा हुआ चक्रवात धीरे-धीरे तटीय इलाकों तक बढ़ रहा है। ओडिशा के पुरी तट पर तेज हवाएं चल रही हैं। मछुआरों को तटीय इलाकों से हटा लिया गया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिले में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है।