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दिवाली में पटाखे फोड़ने का समय तय, जान लीजिए जरूरी गाइडलाइन

दिवाली में पटाखे फोड़ने का समय तय, जान लीजिए जरूरी गाइडलाइन

झारखंड:
Jharkhand Festival Diwali:
दीपावली (Diwali) की रोशनी और आतिशबाजी (Fireworks) के बीच इस बार पटाखे (Firecrackers) फोड़ने के समय (Timing) और आवाज (Sound) का भी ध्यान रखना होगा। पटाखे फोड़ने के लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक की समय-सीमा (Time Limit) तय की गई है। निर्धारित समय के बाद पटाखे फोड़ने या ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) के मानकों (Standards) का उल्लंघन (Violation) करने पर कार्रवाई (Action) हो सकती है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद (Jharkhand State Pollution Control Board) ने दीपावली और छठ (Chhath) जैसे त्योहारों (Festivals) के दौरान वायु प्रदूषण (Air Pollution) एवं ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) पर नियंत्रण (Control) के लिए दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए हैं। इसके तहत 125 डेसीबल (Decibel) से अधिक आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल (Use) पर रोक (Ban) रहेगी।

रिहायशी इलाकों में ध्वनि स्तर की सीमा तय
प्रदूषण नियंत्रण परिषद के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, रिहायशी क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि का स्तर 55 डेसीबल और रात में 45 डेसीबल तक होना चाहिए। वहीं, साइलेंट जोन में ध्वनि का स्तर 40 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों के आसपास निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करना जरूरी है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।

जमशेदपुर के प्रमुख इलाकों में प्रदूषण की निगरानी
दीपावली के दौरान जमशेदपुर के प्रमुख इलाकों में वायु और ध्वनि प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए शहर के करीब 10 स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। इनमें साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी, जुगसलाई, सोनारी, आदित्यपुर और टाटानगर स्टेशन रोड समेत प्रमुख इलाके शामिल हैं। प्रदूषण के स्तर में होने वाले बदलाव का आकलन कर हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी।

रात 10 बजे के बाद आतिशबाजी पर रोक
प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दीपावली और गुरुपर्व पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति है। वहीं, क्रिसमस और नववर्ष पर रात 11:55 बजे से अगले दिन रात 12:30 बजे तक नहीं, बल्कि रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक की निर्धारित अवधि में ही आतिशबाजी की अनुमति होगी। निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इन नियमों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखना है, ताकि लोगों को तेज आवाज और पटाखों के धुएं से होने वाली परेशानी से बचाया जा सके। प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे में त्योहार मनाते समय पटाखों की आवाज, उनके इस्तेमाल के समय और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का ध्यान रखना जरूरी है।

Tags - Jharkhand Diwali Pollution Control Festival Guidelines