द फॉलोअप डेस्क
5 अक्टूबर से भारत क्रिकेट विश्व कप 2023 की मेज़बानी करने जा रहा है। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले ही मेरीलबोन क्रिकेट क्लब जो की क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्थान है। उसने एक बड़ा बयान दिया है । एमसीसी ने साल 2027 के विश्व कप के बाद से एकदिवसीय क्रिकेट मैचों की संख्या घटाने का सुझाव दिया है। MCC ने कहा है कि हाल ही मे देखा गया है की खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेलने के कारण चोटिल हो रहे है। खिलाड़ियों की सेहत को देखते हूए किसी एक फॉर्मेट को कम करना होगा।

एमसीसी का यह है सुझाव
विश्व क्रिकेट के लिए नियम बनाने वाली संस्था ने एकदिवसीय क्रिकेट के मुकाबलो को कम करने का सुझाव दिया है। एमसीसी ने एशेज सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद 13 सदस्यों की बैठक मे यह फैसला लिया। उनका कहना है की द्विपक्षीय वनडे सीरीज का अब कोई मतलब नहीं है। टीमों को सिर्फ वर्ल्ड कप से एक साल पहले ही 50 ओवर की द्विपक्षीय सीरीज खेलनी चाहिए। पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइक गैटिंग ने कहा '50 ओवर की द्विपक्षीय सीरीज कम करनी होगी। वनडे क्रिकेट कम होने से क्रिकेट की क्वालिटी बढ़ेगी। लेकिन वर्ल्ड कप शुरू होने के एक साल पहले द्विपक्षीय वनडे फिर खेलना शुरू कर सकते हैं। इससे ग्लोबल क्रिकेट कैलेंडर में बहुत जगह खाली होगी।'
MCC has suggested ICC to reduce the bilateral ODI after 2027 WC by removing bilateral ODI other than 1 year preceding each World Cup. [TOI] pic.twitter.com/6DYUCrDvgf
— Johns. (@CricCrazyJohns) July 11, 2023

फ्रेंचाइजी क्रिकेट को साथ ले कर चलना होगा
आधुनिक क्रिकेट मे टी20 की लोकिप्रियता किसी भी फॉर्मेट से ज्यादा है । ऐसे मे एमसीसी ने दुनिया भर की टी20 लीगो को बढ़ावा देने पर सुझाव दिया। आइसीसी के जनरल मैनेजर वसीम खान ने कहा था, '2023 से 2027 तक का फ्यूचर टूर प्रोग्राम सेट हो चुका है। इसमें कुछ बदलाव नहीं होंगे। लेकिन भविष्य में इंटरनेशनल मैच और टी-20 लीग्स को साथ में चलना ही होगा।' आइपीएल भी 2 महीने चलता है तो उसके मुताबिक समीकरण बैठाया जाएगा।
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