logo

रांची के लाल ने किया कमाल,आदिवासी क्रिकेटर रॉबिन मिंज का MI में हुआ चयन, ट्रेनिंग के लिए जाएंगे इंग्लैंड 

lobin2.jpg

द फॉलोअप डेस्क
रांची के राजकुमार महेंद्र सिंह धोनी के बाद क्रिकेट के मैदान में झारखंड का एक और खिलाड़ी चमकेगा। जी हां...राजधानी के रहने वाले रॉबिन मिंज का चयन मुंबई इंडियंस में हो गया है। इसके साथ ही वो पहले ऐसे आदिवासी क्रिकेटर बन गए हैं जिनका चयन मुंबई इंडियंस में हुआ है। अब वो मैच की ट्रेनिंग के लिए इंग्लैंड जाएंगे। रॉबिन महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो बल्लेबाज के साथ-साथ विकेटकीपिंग भी करते हैं।  उन्होंने कहा कि माही जिस तरह से  सूझबूझ के साथ खेलते हैं, वह देखना अद्भुत है। रॉबिन के चयन के बाद उनके परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं उन्हें बधाई देने के लिए लगातार लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। 


8 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे रॉबिन
रॉबिन मिंज ने बताया कि वह 8 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं। वह गुमला के रहने वाले है। बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन ने रांची में सोनेट क्रिकेट क्लब में चंचल भट्टाचार्या, एसपी गौतम व आसिफ हक की देखरेख में अपने खेल को निखारा है। मिंज ने अंडर-19 और अंडर-25 में अपने शानदार प्रदर्शन से सेलेक्टरों का ध्यान अपनी ओर खींचा। 
पिछले साल भी दिया था ट्रायल
रॉबिन बताते हैं कि पिछले साल मुझे लखनऊ सुपरजाइंट्स, दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स ने ट्रायल के लिए बुलाया था। इनमें से मैंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए ट्रायल दिया। लेकिन मेरा चयन नहीं हो सका। काफी मेहनत करके यहां तक पहुंचा था। बुरा तो लगा, लेकिन कोच ने समझाया यह समय सीखने का है और अधिक मेहनत करने का है, हताश होने का नहीं। इसलिए एक बार फिर से तैयारी शुरू कर दी।


परिवार ने किया पूरा सपोर्ट
रॉबिन को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जुनून था। इस जुनून उनके पिता ने बचपन में ही नोटिस कर लिया था। रॉबिन बताते हैं कि क्रिकेट खेलते देख पापा ने कहा कि तुम्हें क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेना चाहिए, तुम अच्छा क्रिकेट खेलते हो। मैंने भी पापा की बात मान एडमिशन ले लिया और उसके बाद फिर क्रिकेट का सफर शुरू हो गया। रॉबिन ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं। मां-पिता के साथ दो बहनों का भी हमेशा सपोर्ट रहा। उन्होंने बताया कि जब पिता आर्मी में काम करते थे तो मां मुझे एकेडमी ले जाया करती थी। नामकुम के डीएवी से रॉबिन ने 10वीं तक की पढ़ाई करने के बाद अपना पूरा समय क्रिकेट को दे दिया।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/FUOBMq3TVcGIFiAqwM4C9N