द फॉलोअप डेस्क
पटना के मोइनुल हक स्टेडियम (Moinul Haq Stadium) में मुबंई बनाम बिहार रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) का मैच चल रहा है। मैच से एक गजब की तस्वीर निकलकर सामने आई है। दरअसल, मुबंई का सामने करने के लिए मैदान में बिहार की एक नहीं बल्कि दो टीमें पहुंच गई।जिसके बाद अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और मामूली झड़प हुई। बाद में बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जिसके बाद मैच शुरू हो सका। गौरतलब है कि बिहार क्रिेकेट एसोसिएशन (BCA) में बीते कई सालों से ऐसी विवाद की कहानी सामने आ रही थी।

अध्यक्ष द्वारा चुनी टीम ने खेला मैच
रिपोर्ट के अनुसार, जो दो अलग-अलग टीमें पहुंची थी, उनमें से एक बिहार क्रिकेट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा चुनी गई थी, जबकि एक सचिव अमित कुमार द्वारा। जिस टीम पर सचिव अमित कुमार का आशीर्वाद था, उसे बाहर बैठना पड़ा और मुंबई के खिलाफ मैच में अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा चुनी गई टीम ने खेल खेला। हैरानी की बात तो यह है कि दोनों की टीम में ऐसा एक भी क्रिकेटर नहीं था, जिसका दोनों टीमों में नाम हो। यानि कि दोनों ने पूरी अलग-अलग टीम का चुनाव किया था
अध्यक्ष ने कहा कि अमित कुमार का बिहार क्रिकेट संघ से कोई नाता नहीं
इस बाबत बिहार क्रिकेट संघ के प्रवक्ता संजीव कुमार मिश्रा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले अमित कुमार बिहार क्रिकेट संघ के सचिव थे, लेकिन इसके बाद बिहार क्रिकेट संघ के ओम्बड्समैन कोर्ट ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। मसलन, अब अमित कुमार का बिहार क्रिकेट संघ से कोई नाता नहीं रह गया है। लिहाजा, उनके द्वारा जारी टीम का कहीं कोई खेलने का कोई मतलब नहीं है। बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष की अगुवाई में बनी टीम रणजी ट्रॉफी में खेलेगी। वहीं, इसके अलावा अमित कुमार ने अपनी बात रखी।

'इसमें कहीं ना कहीं बीसीसीआई भी जिम्मेदार है'
अमित कुमार ने कहा कि टीम की लिस्ट सचिव की ओर से ही ऑथेंटिक होती है। हमलोग शुरू से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। साथ ही अमित कुमार ने बीसीसीआई पर ठीकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं ना कहीं बीसीसीआई भी जिम्मेदार है। बिहार क्रिकेट संघ में भ्रष्टाचार चरम पर है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज मैच रेफरी के पास टीम के मैनेजर और कैप्टन गए थे। उन्होंने हमारी टीम की लिस्ट को रिसीव भी कर लिया है। मेरी टीम स्टेडियम में पहुंचेगी और जरूर खेलेगी। दरअसल, ऐसा माना जा रहा था कि तकरीबन 2 दशक से चला आ रहा बिहार क्रिकेट संघ का विवाद अब खत्म हो गया है, लेकिन अब बीसीए एक बार फिर चर्चा में है।