पटना
इंडिया गठबंधन की समन्वय समिति और विभिन्न उप समितियों की एक अहम बैठक रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर आयोजित हुई। इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों और रणनीतियों पर गहन विमर्श हुआ। बैठक के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला।
तेजस्वी ने पटना में एक बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्या की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा, "क्या कहें, किससे कहें? एनडीए सरकार में कोई सच्चाई सुनने वाला नहीं, न कोई गलती स्वीकारने को तैयार है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की सबको जानकारी है, लेकिन भाजपा के दो-दो उपमुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं?"

तेजस्वी बोले - इंसानों की जान बिहार में सबसे सस्ती
तेजस्वी यादव ने लगातार हो रही आपराधिक वारदातों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को 'नकारा' बताया और लिखा,
"इतने मर्डर हो रहे हैं कि कोई गिन भी नहीं सकता। बिहार में इंसानों की जान अब कीड़े-मकोड़ों से भी सस्ती हो गई है।"
उन्होंने निम्न घटनाओं का ज़िक्र करते हुए ट्वीट किया-
• सीतामढ़ी में व्यवसायी की गोली मारकर हत्या
• पटना में दुकानदार की हत्या
• नालंदा में नर्स को गोली मार दी गई
• खगड़िया में युवक की गोली मारकर हत्या
• गया और नालंदा में दो-दो लोगों की हत्या

‘सरकारी गुंडों की गोलियाँ, नेताओं की बोलियाँ’
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों को सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने लिखा—
"चारों तरफ़ सरकारी गुंडों की गोलियाँ चल रही हैं और सत्ताधारी नेताओं की बोलियाँ अपराधियों को शह दे रही हैं।"
उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए 'भ्रष्ट भूंजा-DK पार्टी' कहा और सवाल उठाया कि आखिर उनके किसी नेता का इस विषय पर कोई बयान क्यों नहीं आ रहा। साथ ही कहा कि एनडीए के नेता और अधिकारी अपराध रोकने के बजाय अपराधियों की जाति खोजने में व्यस्त हैं।
