पटना:
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थी बुधवार से आंदोलन पर उतरे हुए हैं। अभ्यर्थी परीक्षा पैटर्न में बदलाव परसेंटाइल सिस्टम का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान आंदोलन पर उतरे BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस (Bihar Police) ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं। पटना के साथ-साथ दिल्ली में भी छात्रों ने अपना विरोध दर्ज किया है। इसके बाद विपक्षी पार्टियों सहित सत्ता की पार्टी कांग्रेस और माले ने भी इसकी आलोचना की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने आज गुरुवार को इस मसले पर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी (Amir Subhani) और अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है।

CMO बिहार ने किया ट्वीट
CMO बिहार ने ट्वीट के माध्ययम से इस बात की जानकारी दी है। सीएमओ ने ट्वीट कर लिखा कि माo मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों की समस्या पर संज्ञान लिया है तथा इसके समाधान के लिए मुख्य सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। बता दें कि नीतीश-तेजस्वी के इस नई सरकार के राज्य में आने के बाद युवाओं में रोजगार को लिए काफी उम्मीद जागी है। साल 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी ने अपनी हर सभा में मंच से घोषणा की थी कि यदि राज्य में आरजेडी के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार बनती है तो राज्य के युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी। वो अपनी पहली बैठक में दस लाख सरकारी नौकरियों के आदेश पर दस्तखत करेंगे।
विरोध में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे
BPSC की 67वीं परीक्षा में बदलाव किए जाने के विरोध में अभ्यर्थी बुधवार को सड़क पर उतर गए। अभ्यर्थी लगातार परसेंटेज सिस्टम और एक पाली में परीक्षा आयोजित कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। BPSC ने पैटर्न में बदलाव कर दो पाली में परीक्षा को आयोजित करने की घोषणा की थी। प्रदर्शनकारी छात्र जब BPSC कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद भी वे नहीं माने तो पुलिस ने काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया।

परसेंटाइल के आधार पर अंक देने का निर्णय
BPSC की 67वीं पीटी परीक्षा का आयोजन 20 और 22 सितंबर, 2022 को किया जाना है। 67वीं पीटी की यह परीक्षा दो दिन की होगी जिसमें प्रारंभिक परीक्षा में परसेंटाइल के आधार पर अंक देने का निर्णय लिया गया है।परसेंटाइल स्कोर परसेंटेज स्कोर के समान नहीं होता है। परसेंटाइल स्कोर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर आधारित होगा।