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BIHAR : तेजस्वी ने छापेमारी पर कहा- विपक्ष ने CBI को बनाया राजनीतिक उपकरण, एजेंसी से कोई दुश्मनी नहीं 

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पटना:
बिहार में RJD नेताओं में घर चल रहे CBI छापेमारी को लेकर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwai Yadav) ने सख्त रूख ले लिया था। महागठबंधन की सरकार बनते ही तेजस्वी CBI पर जमकर बरसे थे। उन्होंने तो CBI को चुनौती तक दे दी थी। तेजस्वी ने CBI को चुनौती दी थी कि वो चाहे तो मेरे आवास में अपना कार्यालय खोल लें। इसी कड़ी में तेजस्वी ने अब सोशल मीडिया (Social Media) पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि हमने एजेन्सी के अधिकारियों का कभी विरोध नहीं किया है। हम जानते है वो आदेश का पालन कर रहे हैं।  

 CBI को उपकरण की तरह इस्तेमाल करना गलत
तेजस्वी ने ट्वीट किया है कि एजेन्सी के अधिकारियों से हमारा न कभी विरोध था और ना है। हम जानते है कि ये आदेश का अनुपालन कर रहे हैं लेकिन CBI का इस्तेमाल राजनीतिक उपकरण की तरह जो हो रहा है उसका हम विरोध करते रहेंगे। हमारे यहां संविधान को मानने वाली न्यायप्रिय समाजवादी सरकार है जहां हर कोई सुरक्षित है।

बीते 8 वर्षों में विपक्ष के कई नेताओं पर छापे
उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट पर यह भी लिखा कि जांच एजेंसियां केवल विपक्ष शासित राज्य और वहां के नेताओं पर ‘छापे मारकर’ अपने राजनीतिक मालिकों को प्रसन्न करने की कोशिश करती है। BJP के लगभग 300 से ऊपर MP और 1000 से अधिक विधायकों पर इन एजेंसियों द्वारा आज तक कोई रेड नहीं पड़ी। इसलिए इनके पॉलिटिकल करेक्टर से हमारा विरोध है।  बीते 8 वर्षों में विपक्ष के कई नेताओं पर इसी IT/ED/CBI के माध्यम से छापे पड़े। ढेर सारे आरोप तय हुए, गोदी मीडिया के माध्यम से चरित्रहनन हुआ लेकिन जैसे ही उन कथित भ्रष्ट विपक्षी नेताओं ने भाजपा ज्वाइन की वो पवित्रता का प्रमाण पत्र पा गए। कोई मंत्री बन गया तो कोई मुख्यमंत्री बन गया। 


बीते 8 वर्ष केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को बनाया उपकरण
उन्हें यह भी ट्वीट किया कि केंद्र सरकार ने बीते 8 वर्ष में जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रतिशोध का एक उपकरण बना दिया है। 8 साल पूर्व देशवासियों ने इनकी इंटेग्रिटी व कार्यप्रणाली पर इस तरह के सवाल कभी नहीं उठाए थे। अभी हमारा CBI से विरोध Institution से नहीं बल्कि इनकी राजनीति से प्रेरित कार्यप्रणाली से है।