पटना:
बिहार की सियासत में लगातार उठापटक जारी है। अब यह उठापटक आरोप-प्रत्यारोप से हैसियत पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और उनके बेहद करीबी रह चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह (RCP Singh) एक दूसरे की हैसियत बता रहे हैं। पहले नीतीश कुमार ने अपने एक बयान में RCP सिंह के हैसियत पर टिप्पणी की थी अब उनके उसी बयान का पलटवार करते हुए RCP सिंह ने कहा है कि- मेरी औकात उनसे ज्यादा है।

लोकतंत्र में सभी की हैसियत बराबर
पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि। 1977 में नीतीश की क्या औकात थी। एमएलए का टिकट मिला था हार गए थे। 1980 में क्या हुआ था। हार गए थे। '1982 में जब वो सड़क पर घूम रहे थे। तब मैं गांव में पढ़ कर सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर गया था। इंजीनियरिंग पास करने के बाद कभी कोई परीक्षा दिए थे। एक बार नेवी की परीक्षा दिए थे। पास तक नहीं कर पाए थे।’उन्होंने कहा कि आपके मन में अगर मेरे प्रति कुंठा है, तो कुंठा से ग्रसित मत होइए। लोकतंत्र में सभी की हैसियत बराबर होती है। भारत के संविधान में सभी बराबर हैं। आप मुख्यमंत्री क्यों हैं, क्योंकि जनता ने आपको चुना है। आप अपने नाम से मुख्यमंत्री नहीं हैं। हट जाएंगे खत्म।

बीजेपी के अंदर थे और जेडीयू में रहते पार्टी का नुकसान कर रहे थे
बता दें कि 6 दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने RCP सिंह के बारे में कहा था कि उनके बारे में हम कुछ बोलते हैं? जानना चाहिए कि उनकी हैसियत क्या है। वो बीजेपी के अंदर थे और जेडीयू में रहते पार्टी का नुकसान कर रहे थे। अब चले गए, जाने दीजिए। क्या वैल्यू है। उनके बारे में चर्चा बंद कीजिए। नीतीश कुमार ने कहा था कि उनको राजनीति में कौन लाया? आईएएस थे, कौन प्राइवेट सेक्रेटरी बनाया? कहां से कहां बना दिया। पार्टी में जगह दी। राजनीति में जगह दी। अपनी जगह उन्हें अध्यक्ष बना दिया और वो बीजेपी के हाथ में चले गए, तब उसको मुक्त कर दिया गया। उनके बोलने का कोई मतलब है।