कैमूर:
बिहार में नई सरकार गठन (Bihar New Government) के बाद से ही लगातार विवादों में घिरी है। कई मंत्रियों पर पहले से ही अपराध के मामलों में संलिप्तता के कारण कई सवाल खड़े हैं। अब बिहार सरकार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह (Sudhakar Singh) सुर्खियों में है। दरअसल, कृषि मंत्री ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे सरकार के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार की कलई खोल कर रख दी। उन्होंने एक कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों पर व्यंग्यात्मक लहजे में कटाक्ष किया और कहा कि हमारे विभाग में कई लोग चोर हैं, ऐसे में हम उन चोरों के सरदार हुए। मंत्री ने यह भी कहा कि हमारे ऊपर भी कई सरदार हैं।

विभाग में ऐसा कोई सेक्शन नहीं है जो चोरी नहीं करता
मामला रविवार का है। कैमूर के चांद ब्लॉक में आयोजित अभिनंदन समारोह में लोगों का संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि विभाग रद्दी विभाग है। विभाग में ऐसा कोई सेक्शन नहीं है जो चोरी नहीं करता है। कोई किसान वहां से बीज नहीं लेता। जिसे पैदावार चाहिए वह निगम का बीज नहीं लगाता होगा। ढ़ाई- दो सौ करोड़ रुपए का बीज निगम खा जाता है। कोई ऐसा नहीं है जो खा नहीं रहा। हम चोरों के सरदार हैं। ऐसे विभाग में तो हम चोरों के सरदार ही न कहलाएंगे!
सूखाग्रस्त साबित नहीं करना आंकड़ों की बाजीगरी
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में नया कृषि कानून नहीं बनता है तो बिहार के किसानों का कल्याण नहीं होगा। किसानों की आमदनी हर साल 1% बढ़ी है।उन्होंने कहा है कि बिहार के किसानों और भारत के किसानों की आमदनी घटी है लेकिन सरकार कागजों में खेती करती है खेती में नहीं। जब मैं मंत्री बना हूं कह रहा हूं कि बिहार में सूखा है। 40 फ़ीसदी बारिश कम हुई है तो 87 फ़ीसदी रोपनी कैसे हुई! 40 फ़ीसदी से कम बारिश के बावजूद सूखाग्रस्त साबित नहीं करना आंकड़ों की बाजीगरी है।

किसानों एवं आम लोगों की समस्याओं बोलता रहूंगा
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में जानता ही मालिक होती है और जिन अधिकारियों को भ्रम है कि हमलोग कानून तोड़कर बच जाएंगे, मुझे विश्वास है कि हम बच नहीं पाएंगे। बचने के लिए जितनी ताकत लगानी है लगा लो फिर भी वह बचेंगे नहीं। जब मैं सरकार में नहीं था तब आप लोगों एवं किसानों की समस्या को लेकर सड़क से लेकर सदन तक बोला करता था। आज मैं सरकार में हूं तब भी चुप नहीं बैठूंगा किसानों एवं आम लोगों की समस्याओं से उसे लेकर बोलता ही रहूंगा चाहे इसके लिए मुझे कुर्सी क्यों ना गंवानी पड़े।
फिलहाल दो कानूनों को बदलवाने पर लगा हूं
उन्होंने आगे कहा, हम लगातार प्रयासरत हैं कि कम से कम हम अपने विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएं और इसका असर भी आपको आने वाले दिनों में दिखेगा। फिलहाल मैं दो कानूनों को बदलवाने पर लगा हुआ हूं। पहला धान खरीदी के नियम में बदलाव किया जाए। टैक्स के अलावा अन्य एजेंसियों से भी धान की खरीदी की जाए, वहीं मंडी की व्यवस्था पहले की तरह फिर से लागू की जाए।