पटना:
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) ने राज्य के भ्रष्ट एवं सरकार की अवहेलना करने वाले मंत्रियों को चेतवनी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि "मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) जी के नेतृत्व में हमारी सरकार की करप्शन पर ज़ीरो टॉलरन्स नीति है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ ससमय निस्तारण करे। अब अंचल कार्यालयों (circle offices) और थानों में घूसख़ोरी नहीं चलेगी। आदेश नहीं मानने वाले अधिकारियों पर कारवाई होगी।"

एक समस्या के लिए लोगों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े
उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि हमने ज़िलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि आम आदमी को एक ही समस्या के लिए सरकारी कार्यालयों में बार-बार चक्कर ना लगाना पड़े। शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करें। लापरवाही करने वाले कर्मियों पर कारवाई करें।
हमने ज़िलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि आम आदमी को एक ही समस्या के लिए सरकारी कार्यालयों में बारंबार चक्कर ना लगाना पड़े। शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करे। लापरवाही करने वाले कर्मियों पर विभागीय कारवाई करे।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 9, 2022
बिहार में तेजस्वी का भौकाल
बिहार में महागठबंधन की सरकार का एक महीना पूरा हो गया है। ऐसे में राज्य में तेजस्वी यादव का राजनीति में कद बढ़ा है और कुशल प्रशासक व विकास की बात करने वाले नेता की छवि बनी है। पटना में तेजस्वी को विकास पुरुष बताने वाले होर्डिंग बड़ी संख्या में लग गए हैं। विकास पर उनका फोकस है और वो खुद कह रहे हैं कि महागठबंधन सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करेगी। तेजस्वी के बढ़ते दखल को आधी रात पीएमसीएच के औचक निरीक्षण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अगले दिन उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में अधिकारियों को 60 दिन में अस्पतालों की सेहत सुधारने का अल्टीमेटम दे दिया।
