logo

पटना : गाय-घाट बालिका गृह की सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता अरेस्ट, नशे की सुई देकर गंदा काम कराने का आरोप

grih_kand.jpg

पटना:
पटना के गायघाट बालिका गृह (Gaighat Shelter Home Patna) में लड़कियों को नशीला प्रदार्थ देकर उनसे दुष्कर्म का मामला सामने आया था जिसपर पुलिस (Bihar Police) ने कार्रवाई करते हुए रिमांड होम की सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता (Shelter Home Superintendent Vandana Gupta) को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि पटना के गायघाट बालिका गृह में लड़कियों को नशीला पदार्थ देकर उनसे दुष्कर्म का मामला सामने आया था। रिमांड होम से भागी एक युवती ने शेल्टर होम संचालिका वंदना गुप्ता पर लड़कियों का शारीरिक और मानसिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था। युवती ने बताया था कि वहां गंदा काम होता है, बच्चियों को नशे का इंजेक्शन देकर अवैध धंधा करने के लिए विवश किया जाता है।

9 फरवरी को हुई थी प्राथमिकी दर्ज
गायघाट महिला रिमांड होम (राजकीय उत्तर रक्षा महिला सुधार गृह) में रहने वाली एक युवती के बयान के आधार पर 9 फरवरी को महिला थाने में अधीक्षिका वंदना गुप्ता व अज्ञात के खिलाफ में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। दर्ज प्राथमिकी संख्या 13/2022 में आईपीसी की धारा 354 ए व 450 लगायी गयी थी। इसके बाद फिर एक और लड़की के बयान पर प्राथमिकी संख्या 17/2022 दर्ज की गयी थी। दोनों ही मामलों में युवतियों ने वंदना गुप्ता पर बाहर से रिमांड होम में लड़कों को बुलवाने और यौन शोषण करवाने का आरोप लगाया था।

लड़कियों से मारपीट और गंदा भोजन दिया जाता था
दर्ज प्राथमिकी में एक युवती ने कहा कि उसे 2017 में एक मामले को लेकर सुधार गृह जाना पड़ा था। उस समय अधीक्षिका के रूप में संगीता कुमारी थी जिसके बाद साल 2018 में वंदना ने सुधार गृह ज्वॉइन किया। जिसके बाद से उसने सुधार गृह का पूरा माहौल खराब कर दिया। उसके आने के बाद सुधार गृह में लड़कों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। एक बार तो ऐसा हुआ कि 4-5 लड़के सुधार गृह में आए वो लड़कियों के साथ गलत करना चाहते थे। अपनी शिकायत में उसने यह भी कहा था कि वह 4 साल तक सुधार गृह में रही और उसे कई तरह की यातनाएं भी झेलनी पड़ी। उसके साथ मारपीट की जाती थी और गंदा भोजन दिया जाता था।

नशे की सुई भी दी जाती थी
युवती ने अपनी शिकायत में आगे कहा कि सुधार गृह में कमजोर औऱ विक्षिप्त लड़कियों को नशे की सुई देकर उनसे गलत काम कराए जाते थे। एक बार मुझे भी वंदना किसी काम का झासा देकर मुजफ्फरपुर के एक एनजीओ में भेज दिया था जहां मेरे साथ गलत करने की कोशिश की गई थी। मेरी उम्र उस वक्त 18 हो गई थी लेकिन मुझे वहां 6 महीने अधिक रहना पड़ा था।

फरवरी माह में हुआ था एक वीडियो वायरल
इसी बीच फरवरी माह में एक लड़की का वीडियो वायरल हो गया जो शेल्टर होम संचालिका पर गलत काम कराने का आरोप लगा रही थी। इसके कुछ दिन बाद ही एक युवती का ऑडियो वायरल हुआ जिसमें वह भी यहीं बात कह रही थी। इन युवतियों के वायरल वीडियो व ऑडियो में लगाये गये आरोपों पर पटना हाइकोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लिया था।

पटना हाइकोर्ट ने भी लिया स्वत: संज्ञान
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर को सिर्फ सीसीटीवी कैमरे देखकर ही लड़की के आरोपों को नकारने पर कड़ी फटकार लगायी। साथ ही संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था। हाईकोर्ट की फटकार के बाद समाज कल्याण विभाग ने जांच में तेजी लायी। समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने 4 फरवरी को ऑफिस में पीड़िता को बयान के लिए बुलाया। जहां महिला विकास मंच की टीम भी मौजूद थी। लगभग 2 से 3 घंटे तक पीड़िता से 11 सवाल पूछे गये, जवाब भी नोट किया गया था।