'संघ प्रमुख के देश और मुसलमान से संबंधित हालिया बयान पर भिन्न-भिन्न प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसका स्वागत कर रहे हैं, साथ ही सवाल भी उठा रहे हैं।
'हमारे गांव के स्कूल में केवल कक्षा 8 तक ही पढ़ाया जाता है, इसलिए अधिकांश बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। पीने का पानी लेने के लिए घंटों चढऩा पड़ता है।
अखबार और टीवी पर अपढ़ मूर्ख विचारक बनकर राजनीति, अर्थ नीति और संस्कृति समझायेंगे और हम सुनने को विवश हैं।
जातिवाद, अस्पृश्यता, स्त्री-पुरुष की बराबरी, वैज्ञानिकता, सर्वधर्मसम्भाव सम्बन्धी विवेकानंद के विचार अधुनातन हैं।
आज सच दुनिया मुट्ठी में आ गई है। ऐसा मोबाइल के सबब संभव हो सका है। लेकिन जब यही मोबाइल काम करना बंद कर देता है, तो हम परेशान हो उठते हैं। क्योंकि मोबाइल मौजूदा दौर की सबसे मूलभूत जरूरत बन चुका है।
झारखंड की एक और बेटी खेल जगत में प्रदेश का नाम अग्रसर करने की ओर कदम बढ़ा चुकी है। बात हो रही है सीमंती कुमारी की जिन्होंने झारखंड एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र हजारीबाग में नामांकन के लिए होने वाली 400 मीटर की दौड़ में पूरे झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किय
30 जून को पूरा झारखंड हूल दिवस के तौर पर मनाता है। इसी दिन भोगनाडीह गांव में हूल क्रांति का आगाज हुआ था। सिद्धो, कान्हू, चांद और भैरव ने इस दिन हूल क्रांति का बिगुल फूंका था। इसमें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी थीं उनकी दो बहनें फूलो और झानों भी। हूल