(रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी संजीव खुदशाह दलित लेखक, चिंतक, कवि, कथाकार और पत्रकार हैं।रचनाएं देश की लगभग सभी प्रसमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। "सफाई कामगार समुदाय" एवं "आधुनिक भारत में पिछड़ा वर्ग" आपकी चर्चित कृतियों मे शामिल हैं। आपकी किताबें मराठी, पंज
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म्यांमार की सेना ने यह कहते हुए तख्तापलट कर दिया था कि 8 नवंबर हुए चुनावों में म्यांमार की राजनेता सू की की पार्टी की जीत फर्जी थी। राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने यह मानने से इनकार कर दिया इसके बाद से सेना ने देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था।
'शाम ढलते ही ऐसी कोई ड्योढ़ी (छोटे-बड़े घर अथवा झोपड़ी का सबसे बाहरी हिस्सा) नहीं होती थी जहाँ एक-दो लालटेन न जल रही हो और वहाँ बच्चों अथवा किशोरो का समूह पढ़ने में तल्लीन बैठा न दिख रहा हो।