logo

रांची के पहाड़ी मंदिर में रसूखदारों को छूट और आम श्रद्धालुओं की उपेक्षा, CM और DC से पहल की आस

WhatsApp_Image_2026-05-17_at_5_57_12_PM.jpeg

रांची
पहाड़ी मंदिर को लेकर अजय तिर्की एवं उत्तम यादव जी की संयुक्त अध्यक्षता में आज पहाड़ी मंदिर यात्री शेड परिसर में बैठक संपन्न हुई, जिसमें पहाड़ी मंदिर में व्याप्त भ्रष्टाचार, अव्यवस्था एवं स्थानीय लोगों की उपेक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में पहाड़ी मंदिर विकास समिति का गठन स्थानीय नागरिकों के आर्थिक सहयोग एवं सामाजिक प्रयासों से किया गया था। उस समय रांची के उपायुक्त को समिति का अध्यक्ष तथा एसडीएम को सचिव बनाया गया था। समिति में पहाड़ी मंदिर की चारों दिशाओं में निवास करने वाले स्थानीय लोगों को भी स्थान दिया गया था, ताकि मंदिर की व्यवस्था पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित रहे।


कैमरे पर रोक, लेकिन रसूखदारों के लिए छूट
परंतु समय बीतने के साथ कुछ लोगों ने मंदिर पर एकाधिकार स्थापित करने की मंशा से स्थानीय नागरिकों को धीरे-धीरे समिति से बाहर कर दिया और मनमाने ढंग से कार्य करना प्रारंभ कर दिया। आज स्थिति यह है कि पहाड़ी बाबा की पूजा विभिन्न समितियों एवं मंडलों द्वारा अलग-अलग तरीके से की जाती है, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को उस समय पूजा-अर्चना की अनुमति तक नहीं दी जाती। मंदिर परिसर में बड़े अक्षरों में “फोटो एवं वीडियो लेना निषिद्ध” लिखा गया है, परंतु प्रतिदिन कुछ विशेष लोगों एवं अधिकारियों को प्रसन्न करने हेतु पूजा के वीडियो, तस्वीरें एवं प्रसाद भेजे जाते हैं। यह आस्था एवं समानता की भावना के विपरीत है।

 
पहाड़ी मंदिर की मूल संरचना और सौंदर्य से खिलवाड़ का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने के नाम पर पहाड़ी मंदिर की मूल संरचना एवं सौंदर्य के साथ खिलवाड़ किया गया। मंदिर की संरचनात्मक व्यवस्था को क्षति पहुँचाई गई, परंतु इसकी कोई निष्पक्ष जांच आज तक नहीं हुई। पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। मंदिर की आय एवं व्यय की सार्वजनिक जानकारी नहीं दी जाती, जिससे आम लोगों के मन में अनेक प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं। आज की बैठक में सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि राज्य के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं रांची के उपायुक्त से मिलकर कमेटी के द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा। आज की बैठा की मुख्य मांगे
पहाड़ी मंदिर विकास समिति एवं धार्मिक न्यास बोर्ड को भंग किया जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि मंदिर परिसर में विभिन्न समितियों एवं मंडलों द्वारा अलग-अलग घेरे बनाकर होने वाली विशेष पूजा-पद्धति को समाप्त कर केवल एक अधिकृत एवं सार्वजनिक सरकारी पूजा व्यवस्था लागू की जाए। वार्ड पार्षद सुनील यादव, गोकुल चंद्र, मनीष सिंह, बबलू उरांव, शिव कच्छप, बंटी यादव, शैलेश नंद तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। 

Tags - Pahari Mandir Ranchi Ranchi Temple Controversy Temple Committee Disband VIP Culture Protest Ranchi News Update