रांची
जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाओं की कार दशम फॉल थाना क्षेत्र के पास एक स्कॉर्पियो से टकरा गई। इसके बाद चालकों ने कई किलोमीटर तक हाईवे पर महिलाओं की गाड़ी का पीछा किया और उनसे बदसलूकी की। पीड़िता ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इसे बेहद भयावह और चिंताजनक बताया है। वहीं महिलाओं का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। घटना से संबंधित वीडियो आप नीचे दिए गए पोस्ट में देख सकते हैं।
रांची के दशम फॉल क्षेत्र से लेकर हाईवे तक महिलाओं की गाड़ी का कई किलोमीटर तक पीछा कर उनके साथ बदसलूकी किए जाने की घटना बेहद भयावह और चिंताजनक है। सबसे गंभीर बात यह है कि महिलाओं द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर पुलिस सहायता के लिए नहीं पहुंची।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 8, 2026
मुख्यमंत्री श्री… pic.twitter.com/s9YR36Nl04
दरअसल, कार में सवार होकर तीन महिलाएं जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही थीं। तभी रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र के पास उनकी कार की टक्कर एक स्कॉर्पियो से हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं पहुंची। घटना से संबंधित वीडियो आप नीचे दी गई पोस्ट में देख सकते हैं।
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार के खिलाफ क्या कहा?
मरांडी ने कहा, "राज्य सरकार दिल्ली में निवेशकों को आमंत्रित करने में व्यस्त हैं, लेकिन ऐसी कानून-व्यवस्था पर कोई निवेशक कैसे भरोसा करेगा? जहां पुलिस वाहन से युवक की हत्या जैसी घटनाएं होती हैं और महिलाओं की सुरक्षा नहीं हो पाती, वहां विकास का संदेश कैसे जाएगा?" उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए। मरांडी के अनुसार, पर्यटन सीजन और मॉनसून के दौरान प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं रहती, जो पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए खतरा है। 
बाबूलाल ने पर्यटन स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा की उठाई मांग
इस घटना की पोस्ट में महिलाओं का कहना है कि घटना के दौरान उन्होंने कई बार पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तुरंत पुलिस नहीं पहुंची। उनका दावा है कि यदि समय पर पुलिस पहुंच जाती, तो स्थिति इतनी तनावपूर्ण नहीं होती। वहीं बाबूलाल मरांडी ने रांची पुलिस और झारखंड पुलिस से दशम फॉल समेत सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यह घटना राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों को और गंभीर बनाती है ।