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होटवार जेल मामला: अधीक्षक को BJP ने बताया आदतन आरोपी, यौन शोषण की जांच की मांग तेज

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रांची 

राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (जेल) होटवार में महिला कैदी की कथित तौर पर गर्भवती होने का मामला धीरे-धीरे तुल पकड़ते जा रहा है। दरअसल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बीते दिन होटवार जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल अधीक्षक ने एक महिला कैदी के साथ यौन शोषण किया है। उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। वहीं इस मामले को लेकर भाजपा लगातार दूसरे दिन भी हेमंत सरकार पर आक्रामक रही। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने पत्रकार वार्ता के दौरान जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर तीखे अंदाज में गंभीर आरोप लगाए। अजय साह ने कहा कि स्वयं को ईमानदार और सम्मानित अधिकारी बताने वाला कुमार चंद्रशेखर एक आदतन आरोपी हैं, जिस पर पहले भी लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

17 मई को गर्भावस्था जांच कराने की जरूरत आखिर क्यों

अजय साह ने दावा किया कि देवघर में पदस्थापना के दौरान कुमार चंद्रशेखर पर एक महिला शिक्षिका ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, लेकिन सत्ता और प्रभाव के दम पर उस मामले को दबा दिया गया। इसके बाद देवघर में ही एक होमगार्ड महिला ने भी उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया। वहीं, हजारीबाग जेल में कुख्यात अपराधी विकास तिवारी को संरक्षण और सहयोग पहुंचाने के मामले में भी वह दोषी पाए गए थे। अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि हजारीबाग में पदस्थापना के दौरान एक सिपाही की पत्नी के शोषण के आरोप भी उन पर लगे थे। भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पीड़ित महिला कैदी के साथ यौन शोषण नहीं हुआ था, तो 17 मई को गर्भावस्था जांच कराने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि जेल के चिकित्सक के बयान से यह स्पष्ट होता है कि 14 अप्रैल को महिला गर्भवती थी और उसके बाद पूरे मामले को छिपाने के लिए गुप्त तरीके से उसका गर्भपात कराया गया।

इस घटना को “कस्टोडियल रेप” बताया

उन्होंने जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि जिस तेजी से सबूत मिटाने और मामले को दबाने की कोशिश हुई, उससे साफ प्रतीत होता है कि यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की मिलीभगत का मामला है। मथुरा रेप केस का उल्लेख करते हुए और बॉम्बे उच्च न्यायालय की टिप्पणी को उद्धृत करते हुए अजय साह ने इस घटना को “कस्टोडियल रेप” बताया। अजय साह ने कहा कि अगर कोई महिला ड्रग मामले या किसी अन्य अपराध में जेल में है तो क्या उसके यौन शोषण का लाइसेंस मिल जाता है। अजय साह ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों को पद से हटाया नहीं जाता, तब तक सबूतों से छेड़छाड़ और पीड़िता पर दबाव बनाए जाने की आशंका बनी रहेगी।

रांची डीसी को अंतिम समय तक इस घटना की जानकारी नहीं

अजय साह ने आगे कहा कि रांची उपायुक्त को अंतिम समय तक इस घटना की जानकारी नहीं होना यह साबित करता है कि प्रशासन का जेल पर कोई नियंत्रण नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिरसा मुंडा जेल अब माफियाओं के सिंडिकेट द्वारा नियंत्रित है। जेल अब अपराधियों और माफिया गिरोहों का सुरक्षित अड्डा बन चुकी है, जहां जेल जाने के बाद भी अपराधियों को नृत्य, संगीत और शारीरिक सुख जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। भाजपा ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए इसे राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष ले जाने की बात कही है।

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