जामताड़ा
जामताड़ा में देश की सुरक्षा में तैनात एक जवान पर जानलेवा हमला और लूटपाट के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया है. अब अदालत 19 मई को इनकी सजा के बिंदु पर अंतिम फैसला सुनाएगी. फैसला सुनाए जाने के बाद सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जामताड़ा मंडल कारा भेज दिया गया, जहां उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है. अदालत ने जिन आरोपियों को दोषी पाया है, उनमें विक्की कुमार यादव, नसरुद्दीन उर्फ समीर शेख, राहुल कुमार गुप्ता और युवराज सिंह शामिल हैं. यह मामला मिहिजाम थाना कांड संख्या 54/2024 से जुड़ा है. घटना 12 अगस्त 2024 की है. पीड़ित जवान ओम प्रकाश भारती असम राइफल्स में तैनात हैं और वर्तमान में नागालैंड के दीमापुर में पदस्थापित हैं.
जानकारी के अनुसार, घटना के दिन जवान अपनी पत्नी को लेने के लिए कुमारडुबी जा रहे थे. इसी दौरान मिहिजाम के अंबेडकर नगर स्थित ट्रांसफार्मर के पास पहले से घात लगाकर बैठे चारों आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और लोहे की रॉड व डंडों से हमला कर दिया. इस हमले में जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद आरोपियों ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके गले से सोने की चेन, 10 हजार रुपये नकद और सरकारी पहचान पत्र लूट लिए. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सोनी कुमारी ने अदालत में मजबूती से पैरवी की. सरकार की ओर से कुल 7 गवाहों की गवाही कराई गई, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया. अब 19 मई को होने वाले सजा के फैसले पर पूरे इलाके और देशभक्तों की नजरें टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि दोषियों को कितनी सख्त सजा दी जाएगी.
