जामताड़ा:
कभी साइबर फ्रॉड को लेकर देशभर में चर्चा में रहने वाले जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड से अब एक बिल्कुल अलग और परेशान करने वाली समस्या सामने आ रही है। प्रखंड के कई गांवों और पंचायतों में इन दिनों मोबाइल नेटवर्क की भारी किल्लत हो गई है। सबसे खराब स्थिति बिराजपुर पंचायत की है, जहां जियो (Jio) टावर की बदहाल व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली कटते ही ठप हो जाता है नेटवर्क
ग्रामीणों के अनुसार, बिराजपुर पंचायत में लगा जियो का मोबाइल टावर पूरी तरह से केवल बिजली के भरोसे संचालित हो रहा है। पिछले कई महीनों से इस टावर में बैकअप के लिए बैटरी ही नहीं लगाई गई है। स्थिति यह है कि जैसे ही बिजली कटती है, टावर तुरंत बंद हो जाता है और पूरे क्षेत्र की मोबाइल नेटवर्क सेवा पूरी तरह ठप पड़ जाती है। नेटवर्क की इस आंख-मिचौली से ग्रामीणों का जनजीवन बेपटरी हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत आपातकालीन स्थितियों में होती है, जब लोग एम्बुलेंस या किसी आपात मदद के लिए किसी से संपर्क नहीं कर पाते।

ऑनलाइन काम बाधित हो रहा है
नेटवर्क नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। डिजिटल बैंकिंग का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। लोग फोन पर अपनों से बातचीत नहीं कर पाते। इस वजह से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। इस गंभीर समस्या से नाराज होकर ग्रामीणों ने जियो टावर के सामने एकत्रित होकर कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि "एक तरफ पूरा देश 'डिजिटल इंडिया' बनने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारे गांवों में लोग आज भी बुनियादी नेटवर्क जैसी जरूरी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। बिराजपुर में जियो की सेवा बेहद घटिया हो चुकी है, जिस पर कंपनी को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।"
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द टावर पर बैटरी लगाकर नेटवर्क सेवा को सुचारू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों की मांग है कि जियो कंपनी इस समस्या को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द बेहतर नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित करे।