डेस्क:
राष्ट्रपति चुनाव 2022 (presidential election 2022) के नतीजे आ चुके हैं। द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) भारत की 15वीं राष्ट्रपति (15th President) चुनी गई हैं। उनकी इस जीत के साथ क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) की खबरें भी आ रही है। बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) में कुल 16 विधायकों ने एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया। जिसके बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गयी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी
बिहार के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय जनता दल के उन सभी 8 विधायकों को भी बहुत-बहुत आभार जिन्होंने यशवंत सिन्हा जी के आह्वान पर अपनी अंतरात्मा के कहने पर महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को वोट किया। दरअसल बिहार में एक विधायक के वोट की वैल्यू 173 है। आरजेडी के 8 विधायकों के वोट वैल्यू निकाले तो 1384 वोट आरजेडी के विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू को दी है।
राष्ट्रीय जनता दल के उन सभी 8 विधायकों को भी बहुत-बहुत आभार जिन्होंने यशवंत सिन्हा जी के आह्वान पर अपनी अंतरात्मा के कहने पर महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को वोट किया। pic.twitter.com/nt2hn5bVZX
— Dr. Sanjay Jaiswal (@sanjayjaiswalMP) July 21, 2022
झारखंड से भी क्रॉस वोटिंग
वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड से भी क्रॉस वोटिंग की खबरे आई है। झारखंड की राज्यपाल रही द्रौपदी मुर्मू का व्यक्तिगत रिश्ते भी है। जिसके चलते कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार चलाते हुए भी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुर्मू के पक्ष में वोटिंग करने का ऐलान किया था। जिससे राज्य के आदिवासी समाज की भावना आहत न हो। 82 सीट वाले विधानसभा में से केवल नौ वोट ही यशवंत सिन्हा को मिले, जबकि 18 विधायक कांग्रेस के और एक-एक सीटें CPI-NCP की हैं। 70 वोट BJP प्रत्याशी को मिले। 10 विधायकों ने क्रॉस वोट किया है। ऐसे में माना जा रहा है, ज्यादातर विधायक कांग्रेस के ही होंगे।

सबसे अधिक क्रॉस वोटिंग असम में
बिहार झारखंड के अलावा मपी, गुजरात, असम और यूपी में सबसे ज्यादा क्रॉस वोट पड़े है। सभी राज्यों में आदिवासी वोटर का अच्छा प्रभाव है। सबसे अधिक क्रॉस वोटिंग असम में हुई है। जहां 22 विधायकों ने एनडीए के प्रत्याशी को वोट दिया।