चाईबासा:
चक्रधरपुर में शिलापट्ट पर नाम ना होने की वजह से जेएमएम और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा और जेएमएम विधायक सुखराम उरांव के भी कहासुनी हो गयी है। जेएमएम विधायकों ने गीता कोड़ा को नसीहत देते हुए कहा कि गठबंधन धर्म निभाने की सलाह दी है।

शिलापट्ट पर नाम होने पर विवाद
ये जुबानी जंग किसी बड़े मुद्दे को लेकर नहीं बल्कि एक छोटे से शिलापट्ट पर नाम ना होने के वजह से हुई है। दरअसल चक्रधरपुर में अंडरपास का निर्माण किया गया जिस पर नाम नहीं है। इसी पर जेएमएम विधायक सुखराम उरांव ने सांसद पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र की किसी भी योजना के कामों में सांसद गीता कोड़ा ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई है बल्कि खुद उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री से बात की है।
गीता कोड़ा ने जवाब में क्या कहा!
सांसद गीता कोड़ा ने पलटवार करते हुए कहा की मुझे नसीहत देने की कोई जरूरत नहीं है ना ही मेरी कार्यप्रणाली पर किसी भी तरह के प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। मुझे भक्ति भांति पता है कि मैं अपने हमेशा चक्रधरपुर क्षेत्र की समस्याओं को लेकर खड़ी रहती हूं। चाहे वो अंडरपास का निर्माण हो या अन्य किसी प्रकार का काम की क्यों न हो हरसंभव मैं इस क्षेत्र के लिए खड़ी रही हूं और रहूंगी।